पेंटिंग के 'वंडर बॉय' अयान राघव अब बनेंगे डॉक्टर, NEET-2026 में पाई 1807वीं रैंक, अब ब्रश के साथ स्टेथोस्कोप भी बनेगा पहचान
आगरा। ताज नगरी के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 'पेंटिंग वंडर बॉय' अयान राघव ने अपनी प्रतिभा का एक और शानदार परिचय देते हुए नीट-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर 1807वीं रैंक और 99.80 पर्सेंटाइल हासिल की है। करीब 22 लाख से अधिक प्रतियोगियों के बीच मिली इस उल्लेखनीय सफलता के साथ अयान का डॉक्टर बनने का सपना साकार हो गया है। अपनी रंगों की दुनिया से लाखों लोगों का दिल जीतने वाले अयान अब चिकित्सा के क्षेत्र में कदम रखकर मरीजों के जीवन में भी नई उम्मीदों के रंग भरने की तैयारी कर रहे हैं।
ब्रश से स्टेथोस्कोप तक का प्रेरणादायक सफर
मैत्री बाग निवासी अयान राघव बचपन से ही अपनी असाधारण चित्रकला प्रतिभा के कारण देश-विदेश में पहचान बना चुके हैं। अब उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-2026 में शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती।
करीब 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के बीच अयान ने 1807वीं अखिल भारतीय रैंक और 99.80 पर्सेंटाइल प्राप्त कर मेडिकल शिक्षा के लिए अपनी जगह सुनिश्चित की है।
डॉक्टर बनकर मरीजों के जीवन में भरना चाहते हैं रंग
अब तक अपने जादुई ब्रश से सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने वाले अयान राघव का सपना अब डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। उनका मानना है कि जिस तरह रंग जीवन में खुशियां भरते हैं, उसी तरह चिकित्सा के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन देना सबसे बड़ी सेवा है।
पेंटिंग की दुनिया में पहले ही बना चुके हैं पहचान
अयान राघव के नाम अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय अनेक सम्मान और उपलब्धियां दर्ज हैं। सामाजिक विषयों पर बनाई गई उनकी पेंटिंग्स ने देश और विदेश की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उन्हें लगातार सम्मान दिलाया है।
महज आठ वर्ष की आयु से ही उन्होंने अपनी चित्रकला प्रतिभा का प्रदर्शन शुरू कर दिया था और तभी से वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार जीतते आ रहे हैं।
सक्षम प्रतियोगिता के राष्ट्रीय विजेता भी रहे
अयान राघव भारत सरकार की प्रतिष्ठित 'सक्षम' प्रतियोगिता के राष्ट्रीय विजेता भी रह चुके हैं। इस प्रतियोगिता में उन्होंने लगभग 1 करोड़ 20 लाख प्रतिभागियों के बीच अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था, जो उनकी रचनात्मक क्षमता का बड़ा प्रमाण माना जाता है।
पढ़ाई में भी हमेशा रहे अव्वल
चित्रकला के साथ-साथ अयान ने शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आईसीएसई (कक्षा 10), सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज से 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सीबीएसई (कक्षा 12) में 92.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। NEET-2026 में 1807वीं ऑल इंडिया रैंक और 99.80 पर्सेंटाइल प्राप्त कर मेडिकल क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने अयान
अयान राघव की उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो तो कला और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि रचनात्मकता और अकादमिक उत्कृष्टता साथ-साथ चल सकती हैं।
उनकी इस सफलता पर परिजनों, शिक्षकों, शुभचिंतकों और शहरवासियों ने खुशी व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।