अयोध्या राम मंदिर 'दान चोरी' कांड,  एसआईटी के रडार पर ये 6 किरदार, 8 घंटे की तफ्तीश, 43 लोगों से पूछताछ

जांच टीम अब तक मंदिर के सेवादारों और ट्रस्ट के अधिकारियों समेत कुल 43 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जब यह जांच चल रही थी, तब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी मंदिर में ही मौजूद थे। इसके अलावा, राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष सदस्य गोपाल राव से भी अधिकारियों ने करीब 2 घंटे तक सवाल-जवाब किए।

Jun 16, 2026 - 22:13
 0
अयोध्या राम मंदिर 'दान चोरी' कांड,  एसआईटी के रडार पर ये 6 किरदार, 8 घंटे की तफ्तीश, 43 लोगों से पूछताछ

अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर के दान पात्र से पैसों की हेराफेरी की खबरों ने सबको चौंका दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर बनी एसआईटी की टीम इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी ताकत से जुट गई है। हाल ही में एसआईटी की टीम ने राम मंदिर परिसर में पहुंचकर लगातार 8 घंटे तक सघन जांच-पड़ताल की।
 
एक न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच टीम अब तक मंदिर के सेवादारों और ट्रस्ट के अधिकारियों समेत कुल 43 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जब यह जांच चल रही थी, तब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी मंदिर में ही मौजूद थे। इसके अलावा, राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष सदस्य गोपाल राव से भी अधिकारियों ने करीब 2 घंटे तक सवाल-जवाब किए।
 
दान में आए पैसों की गिनती का जिम्मा संभालने वाले लवकुश मिश्रा को पुलिस के बाद अब एसआईटी ने अपनी कस्टडी में ले लिया है। न्यूज 18 ने सूत्रों के हवाले से बताया, जब जांच टीम ने लवकुश के घर पर छापा मारा, तो वहां से ₹15 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
 
लवकुश मिश्रा:- पैसों की हेरफेर का मुख्य आरोपी, जो फिलहाल हिरासत में है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू:- इन पर बैंक में दान का पैसा जमा करने के दौरान गड़बड़ी करने का शक है। मनीष यादव:- दान के पैसों के मैनेजमेंट में इनकी भूमिका संदिग्ध है। के.जी. तिवारी:- इन पर भक्तों के चढ़ाए गए सोने-चांदी के गहनों के रिकॉर्ड और फोन कॉल डिटेल्स में हेरफेर का शक है। राजेश पाठक:- दान पेटी से निकले पैसों की गिनती के दौरान गड़बड़ी करने का आरोप। अनुकल्प मिश्रा:- यह भी नोटों की गिनती के काम में शामिल थे और शक के घेरे में हैं।
 
एसआईटी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। जांच टीम ने अयोध्या के डीएम को बुलाकर आरोपियों और संदिग्ध सेवादारों की जमीन की रजिस्ट्री और अन्य सरकारी कागजात जुटाने को कहा है। सरकार यह देखना चाहती है कि कहीं दान के पैसों से इन लोगों ने अवैध संपत्ति तो नहीं खड़ी की।
 
इस कथित चोरी को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। यूपी यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने थाने में राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर  दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायत दी है। वहीं, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। विपक्ष के भारी हंगामे और लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में अब एसआईटी जल्द से जल्द दूध का दूध और पानी का पानी करने की कोशिश में लगी है।