नेपाल में आयुष का परचम: अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन में बना विश्व रिकॉर्ड, 254 विशेषज्ञों ने बढ़ाया गौरव

नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन-4.0 (नेपाल संस्करण) ने आयुष जगत में नया इतिहास रच दिया। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान एक नैदानिक परीक्षण सत्र में सर्वाधिक आयुष चिकित्सकों की सहभागिता का विश्व रिकॉर्ड स्थापित हुआ। भारत सहित कई देशों से आए 254 प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा बनकर आयुष की वैश्विक स्वीकार्यता को नई ऊंचाई प्रदान की।

Jun 17, 2026 - 19:59
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नेपाल में आयुष का परचम: अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन में बना विश्व रिकॉर्ड, 254 विशेषज्ञों ने बढ़ाया गौरव
नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन-4.0 में भाग लेने वाले विशेषज्ञ।

काठमांडू (नेपाल)। 12 से 14 जून तक नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आयुष महासम्मेलन-4.0 (नेपाल संस्करण) आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बना। काउंसिल फॉर इंटीग्रेटिव वैद्य इनोवेशन एंड कोलैबोरेशन (सिविक) भारत तथा नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य पेशेवरों, उद्योगपतियों और उद्यमियों ने भाग लेकर आयुष की वैश्विक शक्ति का प्रदर्शन किया।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल रहे, जबकि नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि सुमन शेखर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दुबई स्थित लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी ने भी कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।

सम्मेलन में भारत के 25 से अधिक राज्यों के अलावा नेपाल, मलेशिया, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश और सिंगापुर से आए आयुष चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वेलनेस विशेषज्ञों, निर्माताओं, उद्योगपतियों तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कुल 254 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

एक साथ सबसे अधिक आयुष चिकित्सकों ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण एक नैदानिक परीक्षण सत्र में सर्वाधिक आयुष चिकित्सकों की सहभागिता विषय पर किया गया विश्व रिकॉर्ड प्रयास रहा। यह प्रयास सफल रहा और आयुष चिकित्सा पद्धति की सामूहिक नैदानिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली। इस उपलब्धि को आयुष समुदाय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर हुए मंथन

तीन दिवसीय सम्मेलन में आयुष चिकित्सा, नैदानिक अभ्यास, शोध एवं नवाचार, चिकित्सा शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, वैश्विक सहयोग, उद्यमिता, उद्योग विकास तथा स्वास्थ्य क्षेत्र की नई संभावनाओं पर वैज्ञानिक और शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। देश-विदेश के विशेषज्ञों ने अपने शोध, अनुभव और विचार साझा करते हुए आयुष को भविष्य की वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताया।

उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिला सम्मान

14 जून को आयोजित सम्मान समारोह में आयुष क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आयुष लीजेंड सम्मान, आयुष उत्कृष्टता सम्मान तथा आयुष उदीयमान सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं आयुष उद्योग और व्यापार क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले निर्माताओं एवं उद्यमियों को आयुष उद्यम सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मान-पत्र नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी तथा लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दुबई के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी ने प्रदान किए।

आयुष को वैश्विक मंच देने की दिशा में बड़ा कदम

सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य विश्वभर के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे ज्ञान, शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिल सके। नेपाल संस्करण की सफलता और विश्व रिकॉर्ड ने साबित कर दिया है कि आयुष वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल ने भारत और नेपाल के बीच स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor