बरेली में फेरों से पहले 20 लाख नकद और कार की मांग पर अड़ा वर पक्ष तो बिगड़ गई बात, बरात लौटी, पुलिस ने भाई और पिता समेत दूल्हा को हिरासत में लिया

-रमेश कुमार सिंह- बरेली। शहर के कैंट थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक शादी उस समय टूट गई जब फेरों (भांवरों) से ठीक पहले दूल्हा और उसके परिजन 20 लाख रुपये नकद और ब्रेजा कार की मांग पर अड़ गए। समझाने के बावजूद जब दूल्हा पक्ष नहीं माना तो हंगामा बढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दूल्हा, उसके पिता और बड़े भाई को हिरासत में ले लिया। मामले में दूल्हा समेत छह लोगों के खिलाफ थाना कैंट में देर रात ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।

Dec 13, 2025 - 14:50
Dec 13, 2025 - 14:53
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बरेली में फेरों से पहले 20 लाख नकद और कार की मांग पर अड़ा वर पक्ष तो बिगड़ गई बात, बरात लौटी, पुलिस ने भाई और पिता समेत दूल्हा को हिरासत में लिया

अपने परिजनों के साथ दूल्हा। 

कैंट थाना प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि लड़की पक्ष की ओर से दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं 3 व 4 तथा बीएनएस की धाराएं 85, 115(2), 74, 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपितों में दूल्हा ओम शंकर, उसके पिता, मां, बहन, बड़ा भाई और भाभी शामिल हैं।

कैंट थाना क्षेत्र के सदर बाजार निवासी मुरली मनोहर की बेटी ज्योति की शादी शाहजहांपुर के रोजगारी, तिलहर निवासी ओम प्रकाश के साथ करीब आठ माह पहले तय हुई थी। मई में शहर के एक बड़े होटल में सगाई हुई, जिस पर लड़की पक्ष ने करीब तीन लाख रुपये खर्च किए। सगाई के दौरान दूल्हे को सोने की अंगूठी, चेन और पांच लाख रुपये नकद दिए गए थे।

गुरुवार को लग्न के दौरान एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन के साथ 1.20 लाख रुपये नकद शगुन में दिए गए। शुक्रवार देर रात बरात सदर बाजार स्थित युगवीणा मैरिज हॉल पहुंची, जहां धूमधाम से स्वागत हुआ। शादी की रस्में चल रही थीं कि फेरों से ठीक पहले दूल्हा पक्ष ने 20 लाख नकद और ब्रेजा कार की अतिरिक्त मांग रख दी।

लड़की पक्ष ने आधी रात कार उपलब्ध न होने की बात कही तो दूल्हा पक्ष ने कार की कीमत के बराबर नकद देने की मांग कर दी। विवाद बढ़ा और बरात लौटने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दूल्हा ओम शंकर, उसके पिता मटरु लाल और बड़े भाई को हिरासत में ले लिया।

लड़की पक्ष का आरोप है कि शादी तय कराने वाले सिकलापुर निवासी इंद्रपाल ने उन्हें लगातार गुमराह किया। परिवार का कहना है कि इस शादी में अब तक करीब 15 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

SP_Singh AURGURU Editor