रमज़ान में बरेली के हाफ़िज़ों की अंतरराष्ट्रीय मांग, देश-विदेश से बुलावा
रमज़ानुल मुबारक के आगमन से पहले ही उत्तर प्रदेश के बरेली शरीफ स्थित मरकज़ ए अहले सुन्नत इस्लामिक स्टडी सेंटर मदरसा जामिआतुर्रज़ा से फारिग हाफ़िज़-ए-कुरआन की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी तेज़ी से बढ़ गई है। तरावीह की इमामत और कुरआन मुकम्मल सुनाने के लिए दुनिया के कई मुल्कों से बरेली के हाफ़िज़ों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया जा रहा है।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। मरकज़ ए अहले सुन्नत बरेली शरीफ स्थित इस्लामिक स्टडी सेंटर मदरसा जामिआतुर्रज़ा से तैयार होने वाले हाफ़िज़-ए-कुरआन रमज़ान के मुबारक महीने में लगातार देश-विदेश की मसाजिद और इस्लामिक सेंटर्स में अपनी दीनी खिदमात अंजाम दे रहे हैं। भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ दुबई, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, हॉलैंड, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और श्रीलंका जैसे देशों की जामा मस्जिदों एवं इस्लामिक संस्थानों से हाफ़िज़ों के लिए बुलावे आ रहे हैं।
जमात रज़ा ए मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मिया ने बताया कि रमज़ान के लिए हाफ़िज़-ए-कुरआन की मांग हर साल पहले से अधिक बढ़ती जा रही है। मरकज़ से जुड़े हाफ़िज़ न सिर्फ़ कुरआन-ए-पाक की हिफ़ाज़त, तिलावत और तरावीह की इमामत का फ़र्ज़ निभा रहे हैं, बल्कि सुन्नी मसलक की पहचान की हिफ़ाज़त करते हुए आला हज़रत का पैग़ाम भी दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो मसाजिद या इस्लामिक सेंटर्स रमज़ान के लिए बरेली शरीफ से हाफ़िज़ बुलाना चाहते हैं, या जो हाफ़िज़ देश-विदेश में अपनी दीनी खिदमात पेश करने के इच्छुक हैं, वे जमात रज़ा ए मुस्तफ़ा के हेड ऑफिस, दरगाह आला हज़रत / ताजुश्शरिया से संपर्क कर सकते हैं।
मरकज़ ए अहले सुन्नत बरेली शरीफ आज केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दीनी शिक्षा, सुन्नी विचारधारा और इस्लामी पहचान का एक मजबूत केंद्र बन चुका है। यहां से निकले हाफ़िज़-ए-कुरआन उम्मत और समाज की खिदमत में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
दरगाह आला हज़रत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने जानकारी दी कि पवित्र माह रमज़ान के 19 फरवरी से शुरू होने का अनुमान है। 18 फरवरी की शाम चांद देखने का एहतमाम किया जाएगा। यदि 18 फरवरी को चांद नज़र आ जाता है तो उसी रात से तरावीह की नमाज़ शुरू हो जाएगी और 19 फरवरी को पहला रोज़ा होगा। चांद नज़र न आने की सूरत में रमज़ान 20 फरवरी से शुरू होगा।