नवोदय अस्पताल में आग के बाद बीडीए का बड़ा एक्शन, अवैध चौथी मंजिल सील; शहर के अस्पतालों की खुलेंगी पुरानी फाइलें

-आरके सिंह- बरेली। मिनी बाईपास स्थित नवोदय अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अस्पताल भवनों में भवन नियमों के पालन और अपनी निगरानी व्यवस्था की जांच तेज कर दी है। नवोदय अस्पताल के भवन का तीन मंजिल का मानचित्र स्वीकृत होने के बावजूद चौथी मंजिल पर निर्माण पाए जाने पर बीडीए की टीम ने उसे सील कर दिया। अब प्राधिकरण ने शहर के अन्य अस्पतालों की पुरानी फाइलें भी खंगालनी शुरू कर दी हैं।

Sep 2, 2026 - 18:51
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नवोदय अस्पताल में आग के बाद बीडीए का बड़ा एक्शन, अवैध चौथी मंजिल सील; शहर के अस्पतालों की खुलेंगी पुरानी फाइलें
बरेली का नवोदय अस्पताल, जिसमें आग लगने की घटना हुई थी।

बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बुधवार को बताया कि शहरी क्षेत्र में संचालित अस्पतालों में भवन नियमावली का कितना पालन हो रहा है, इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निगरानी में लापरवाही या किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।

बीडीए के अनुसार, नवोदय अस्पताल के भवन के लिए तीन मंजिल का मानचित्र स्वीकृत था। बाद में भवन की चौथी मंजिल पर निर्माण कर दिया गया। आग की घटना के बाद बीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन की जांच की। स्वीकृत मानचित्र से अलग अतिरिक्त निर्माण मिलने पर चौथी मंजिल को सील कर दिया गया।

पुरानी फाइलों से निकलेगा अस्पतालों का रिकॉर्ड

नवोदय अस्पताल पर कार्रवाई के बाद बीडीए ने शहर के अन्य अस्पतालों से जुड़ी पुरानी फाइलों की भी पड़ताल शुरू कर दी है। जिन अस्पतालों को भवन नियमों के उल्लंघन के मामले में पहले नोटिस जारी किए गए थे, उनकी स्थिति दोबारा जांची जा रही है। ऐसे मामलों की भी समीक्षा हो रही है, जिनमें सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित या लंबित रही है।

प्राधिकरण यह भी जांच करेगा कि रामपुर गार्डन, राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, स्टेडियम रोड, पीलीभीत बाईपास और मिनी बाईपास समेत विभिन्न क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों ने कार्रवाई के दौरान मिली मोहलत के बाद अपने भवनों के नक्शे नियमित कराए या नहीं। इसके साथ यह भी देखा जाएगा कि आवश्यक स्वीकृति नहीं लेने के बावजूद कहीं अस्पतालों का संचालन तो जारी नहीं है।

सिर्फ नक्शा नहीं, अग्निशमन व्यवस्था भी जांचेगा बीडीए

इस बार जांच का दायरा केवल स्वीकृत मानचित्र और मौके पर बने भवन के मिलान तक सीमित नहीं रहेगा। अस्पतालों में अतिरिक्त मंजिल के निर्माण के साथ अग्निशमन व्यवस्था, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और पार्किंग के निर्धारित स्थान के वास्तविक इस्तेमाल की भी जांच की जाएगी। मौके पर मौजूद भवन का स्वीकृत मानचित्र से मिलान कर यह देखा जाएगा कि निर्माण और उपयोग निर्धारित नियमों के अनुरूप है या नहीं।

बीडीए के अनुसार, शहरी क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए स्वीकृत मानचित्र का पालन आवश्यक है। अस्पताल जैसे संवेदनशील भवनों के लिए संबंधित विभागों की आवश्यक अनापत्तियां लेना और भवन के उपयोग से पहले ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्राप्त करना भी जरूरी है।

नवोदय अस्पताल में आग की घटना के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई अब शहरभर के अस्पतालों तक पहुंच रही है। बीडीए की पुरानी फाइलों की समीक्षा से उन अस्पतालों की स्थिति भी सामने आ सकती है, जिनके भवनों में पहले नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद में उनकी स्थिति की प्रभावी निगरानी नहीं हो सकी।

SP_Singh AURGURU Editor