दोस्ती में दगाः 22 लाख रुपये लेकर मुकरा साथी, मारपीट व जान से मारने की धमकी का आरोप, आगरा के छत्ता थाने में मुकदमा दर्ज

आगरा। थाना छत्ता क्षेत्र में भरोसे और दोस्ती के रिश्ते को तार-तार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुलाब खाना, काला महल निवासी अभिषेक बगुला ने अपने बचपन के दोस्त आयुष गुप्ता, उसके पिता मनोज कुमार गुप्ता और कथित साझेदार अमोध सरोफ पर करीब 22 लाख रुपये हड़पने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत सहायक पुलिस आयुक्त छत्ता से गुहार लगाई। इसके बाद छत्ता थाने में पीड़ित का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

Apr 27, 2026 - 21:56
 0
दोस्ती में दगाः 22 लाख रुपये लेकर मुकरा साथी, मारपीट व जान से मारने की धमकी का आरोप, आगरा के छत्ता थाने में मुकदमा दर्ज

दर्ज शिकायत के अनुसार, अभिषेक बगुला और आयुष गुप्ता के बीच पुराने पारिवारिक संबंध थे। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए आयुष ने अपने साथी अमोध सरोफ से परिचय कराया और सरकारी टेंडर व प्राइवेट ठेकेदारी में निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया। आरोप है कि आयुष गुप्ता और अमोध सरोफ ने मिलकर अभिषेक को अपनी फर्म अमय कन्स्ट्रक्शन में निवेश के लिए तैयार किया।

पीड़ित का कहना है कि जनवरी 2022 से मार्च 2025 के बीच उसने अलग-अलग तारीखों में कुल 22,45,050 रुपये दिए। इसमें से करीब 11,07,650 रुपये आयुष गुप्ता को, 2,71,900 रुपये अमोध सरोफ को और 8,65,500 रुपये उनकी फर्म में ऑनलाइन व नकद माध्यम से दिए गए। यह पूरा लेन-देन आयुष के पिता मनोज कुमार गुप्ता की जानकारी और निगरानी में हुआ।

अभिषेक के अनुसार, जब टेंडर पूरे होने की बात सामने आई तो उसने अपने पैसे और मुनाफे की मांग शुरू की, लेकिन आरोपी टालमटोल करते रहे। आरोप है कि फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जाने लगीं।

पीड़ित ने बताया कि 27 जुलाई 2025 को शाम करीब 4 बजे जब वह आयुष के घर के सामने पैसे मांगने पहुंचा, तो वहां मौजूद आयुष, उसके पिता मनोज गुप्ता, चाचा मोहन गुप्ता और अन्य लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और धमकाया। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।

इसके बाद अभिषेक ने वकील के माध्यम से डिमांड नोटिस भेजा। 2 सितंबर 2025 को आयुष गुप्ता की ओर से जवाब दिया गया, जिसमें अमोध सरोफ को जानने से ही इनकार कर दिया गया। जबकि पीड़ित का दावा है कि दोनों साझेदार के रूप में काम कर रहे थे।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि पंचायत में साक्ष्य प्रस्तुत करने के बावजूद आरोपियों ने पैसा लौटाने से साफ इनकार कर दिया और दोबारा मारपीट कर दी। मामले की शिकायत पीपलमंडी पुलिस चौकी में भी की गई, जहां 125/136 की कार्रवाई हुई, लेकिन पैसा वापस नहीं मिला।

अभिषेक बगुला का कहना है कि उसने यह रकम उधार लेकर निवेश की थी और अब लेनदार उस पर दबाव बना रहे हैं। लगातार तनाव के चलते उसकी तबीयत खराब रहने लगी है और आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई है।

SP_Singh AURGURU Editor