जन्मदिन बना था मौत का जाल, पत्नी और ससुर ने शराब में मिलाया जहर, 4 महीने बाद खुला राज
आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की नींव को झकझोर कर रख दिया है। एक युवक की संदिग्ध मौत का रहस्य चार महीने बाद तब खुला, जब विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
आगरा। आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की नींव को झकझोर कर रख दिया है। एक युवक की संदिग्ध मौत का रहस्य चार महीने बाद तब खुला, जब विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मृतक यतेंद्र पाल, जो एक फैक्टरी में कार्यरत थे, की शादी करीब तीन साल पहले फाउंड्री नगर निवासी तनु से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच रिश्तों में दरार आ गई और विवाद इतना बढ़ा कि तनु अपने मायके में रहने लगी थी। पारिवारिक कलह धीरे-धीरे एक खतरनाक साजिश में बदल गई।
22 नवंबर 2025 को पत्नी के जन्मदिन के बहाने यतेंद्र को ससुराल बुलाया गया था। परिवार के मुताबिक, रात करीब 3 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। उस समय मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था, जिससे मामला और उलझ गया था।
मृतक की मां मंजू को शुरुआत से ही इस मौत पर शक था। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने यह भी कहा था कि यतेंद्र को पहले भी अस्पताल लाया गया था, जो संदेह को और गहरा करता है। पोस्टमार्टम में कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया, लेकिन पुलिस की शुरुआती ढिलाई से नाराज परिजनों को न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
5 जनवरी को कोर्ट के आदेश के बाद ट्रांस यमुना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 16 मार्च को मामले की जांच कमला नगर थाना पुलिस को सौंपी गई। जांच आगे बढ़ी और एफएसएल रिपोर्ट ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया।
रिपोर्ट में सामने आया कि यतेंद्र की मौत सल्फास (जहर) के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी तनु और उसके पिता महेंद्र को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जन्मदिन के दिन दोनों के बीच फिर विवाद हुआ था, जिसके बाद ससुर महेंद्र ने सल्फास लाकर शराब में मिला दिया और यतेंद्र को पिला दिया।
जहर का असर होते ही यतेंद्र की हालत बिगड़ने लगी और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई। इस साजिश में पत्नी की भी भूमिका सामने आई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। यह घटना न सिर्फ एक सुनियोजित हत्या का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि घरेलू विवाद किस तरह भयावह रूप ले सकते हैं।