दवाओं की कालाबाजारी का भंडाफोड़, एफएसडीए की छापेमारी में घर से मिला सरकारी दवाओं का जखीरा

आगरा के दयालबाग क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सरकारी अस्पतालों के लिए निर्धारित दवाओं की कथित कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। छापेमारी के दौरान एक घर से भारी मात्रा में ऐसी दवाएं और इंजेक्शन बरामद हुए, जिन पर ‘Government Supply, Not For Sale’ अंकित था। आरोप है कि सरकारी चिन्हों को छिपाकर इन्हें बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Jun 13, 2026 - 22:00
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दवाओं की कालाबाजारी का भंडाफोड़, एफएसडीए की छापेमारी में घर से मिला सरकारी दवाओं का जखीरा

 आगरा। आगरा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को झटका देने वाले एक कथित अवैध दवा कारोबार का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त टीम ने पुलिस के साथ दयालबाग क्षेत्र में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में सरकारी आपूर्ति की दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए हैं।

कार्रवाई के बाद दयालबाग निवासी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि आरोपी लंबे समय से सरकारी अस्पतालों के लिए भेजी जाने वाली दवाओं को अवैध रूप से बाजार में बेचने के नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई

एफएसडीए अधिकारियों के अनुसार फाउंटेन क्षेत्र स्थित मेसर्स ब्राइट फार्मा के माध्यम से सरकारी दवाओं की कथित कालाबाजारी किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
इसी सूचना के आधार पर फिरोजाबाद के औषधि निरीक्षक देश बंधु विमल और जालौन की औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे की संयुक्त टीम ने शुक्रवार दोपहर पुलिस बल के साथ राहुल विहार, दयालबाग स्थित आवास पर छापा मारा।

घर के कमरे में मिला सरकारी दवाओं का स्टॉक

जांच के दौरान अधिकारियों को घर के एक कमरे में बड़ी मात्रा में दवाएं और इंजेक्शन रखे मिले। बरामद दवाओं में एंटी-डी इंजेक्शन, इंसुलिन और अन्य महत्वपूर्ण दवाएं शामिल थीं।
अधिकारियों के अनुसार कई दवाओं पर स्पष्ट रूप से ‘Government Supply, Not For Sale’ अंकित था, जो दर्शाता है कि वे केवल सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में वितरण के लिए थीं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इन दवाओं पर अंकित सरकारी पहचान को मार्कर से ढंक दिया जाता था, ताकि उन्हें खुले बाजार में बेचा जा सके।

दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी

छापेमारी के दौरान टीम ने दवाओं की खरीद-फरोख्त से जुड़े बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य आवश्यक अभिलेख मांगे। हालांकि आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिकारियों का मानना है कि दस्तावेजों की अनुपस्थिति पूरे मामले को और संदिग्ध बनाती है तथा दवाओं के स्रोत की जांच को महत्वपूर्ण बनाती है।

जीवनरक्षक दवाओं के रखरखाव में भी लापरवाही

जांच में एक और गंभीर तथ्य सामने आया। टीम को कुछ जीवनरक्षक दवाएं और इंसुलिन इंजेक्शन बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के सामान्य तापमान पर रखे मिले। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी दवाओं को निर्धारित तापमान पर रखना आवश्यक होता है। गलत तरीके से भंडारण किए जाने पर उनकी गुणवत्ता और प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

पत्नी के बयान ने खोले कई राज

जांच के दौरान आरोपी की पत्नी रितिका पंजवानी, जिनके नाम पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी है, ने लिखित बयान में बताया कि मेडिकल स्टोर और उससे संबंधित सभी गतिविधियों का संचालन उनके पति मनीष पंजवानी करते हैं। इसके बाद टीम आरोपी को साथ लेकर फाउंटेन स्थित ब्राइट फार्मा पहुंची और दुकान का निरीक्षण किया। दुकान का ताला खुलवाकर की गई जांच में विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएं मिलीं।

पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे

एफएसडीए टीम ने दुकान से पांच संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। अब यह जांच की जाएगी कि दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं, उनकी वैधता क्या है और वे सरकारी आपूर्ति श्रृंखला से बाहर कैसे पहुंचीं।

मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की तलाश शुरू

न्यू आगरा पुलिस ने औषधि निरीक्षक देश बंधु विमल की तहरीर पर आरोपी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस और औषधि विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, दवाएं कहां से लाई जा रही थीं और इन्हें किन माध्यमों से बाजार में खपाया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दवा कारोबारियों में बढ़ी हलचल

इस कार्रवाई के बाद शहर के दवा कारोबार से जुड़े लोगों में चर्चा का माहौल है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि सरकारी दवाओं की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े मामलों पर निगरानी और सख्त की जाएगी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।