ब्रज रज उत्सवः मिस्मी वासु का जादू सिर चढ़कर बोला, लोक संस्कृति, सुर, ताल और श्रद्धा का संगम

मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में रेलवे ग्राउंड पर चल रहा ब्रज रज उत्सव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। जैसे-जैसे उत्सव का अंतिम चरण करीब आ रहा है, वैसे-वैसे मंच पर भक्ति, संगीत और ब्रज संस्कृति का संगम और भी गहराता जा रहा है। हर शाम यहां आस्था और आनंद का ऐसा वातावरण बन रहा है, जिसमें सुर, ताल और श्रद्धा एकाकार हो रहे हैं। शनिवार की रात मिस्सी बासु के नाम रही।

Nov 1, 2025 - 22:40
Nov 1, 2025 - 22:41
 0
ब्रज रज उत्सवः मिस्मी वासु का जादू सिर चढ़कर बोला, लोक संस्कृति, सुर, ताल और श्रद्धा का संगम
ब्रज रज उत्सव में प्रस्तुति देने पहुंचीं मिस्सी बासु को स्मृति चिह्न भेंट करते जिलाधिकारी सीपी सिंह और विकास प्राधिकरण के वीसी एसपी सिंह।

मिस्मी वासु की आवाज़ ने बांधा जादू, सिर चढ़कर बोला संगीत का जश्न

शनिवार की रात ब्रज रज उत्सव की म्यूजिकल नाइट पूरी तरह मिस्मी वासु के नाम रही। उनकी सुरीली आवाज़ और ऊर्जा से भरपूर मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह और शेखर अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मिस्मी वासु ने अपनी पहली प्रस्तुति गणेश वंदना से दी, जिसने पूरे पंडाल में भक्ति का माहौल बना दिया। इसके बाद “हीरे मोती मैं ना चाहूं, मैं तो चाहूं साजन मोरे” जैसे गीतों ने श्रोताओं के हृदय को छू लिया। दर्शक झूम उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंज उठा।

दिन के कार्यक्रमों में झलकी लोक संस्कृति और भक्ति की छटा

ब्रज रस उत्सव में स्थानीय कलाकारों द्वारा शनिवार को प्रस्तुत किये गये लोक संस्कृति प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रमों की एक झलक। 

दिन में आयोजित कार्यक्रमों में ब्रज की लोक संस्कृति और भक्ति भाव की अद्भुत झलक देखने को मिली। मुख्य मंच पर मंजरी ग्रुप के कलाकारों ने ब्रज की मिट्टी की महक और आधुनिक संगीत की मिठास से भरे गीतों की श्रृंखला प्रस्तुत की।

इसके बाद अलबेली सरकार मंदिर, महाविद्या कॉलोनी के कलाकारों ने ‘राधा नाम संकीर्तन’ से कार्यक्रम का आगाज़ किया। भजन गायक गौरांशी शर्मा, प्रियांशी शर्मा और प्रियम शर्मा ने “करुणा भरी नजर से मोरपंख वाला मिल गया” जैसे भजनों से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालु आंखें बंद किए राधा–कृष्ण भक्ति में लीन दिखाई दिए।

भक्ति, नृत्य और लोक संस्कृति का मनोरम संगम

ब्रज चौरासी कोस की संस्कृति को मंच पर जीवंत करते हुए खुशी गोस्वामी एंड टीम ने भक्ति गीतों से वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। वहीं आकांक्षा ग्रुप ने अपनी नृत्य-गायन प्रस्तुति से भाव, नृत्य और संगीत का अनुपम समन्वय पेश किया।

रीना शर्मा और उनकी साथी कलाकारों की टोली ने चरकुला नृत्य से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। तालियों और जयकारों से पूरा सभागार गूंज उठा।

कार्यक्रम का संचालन विजेता चतुर्वेदी ने किया। सभी प्रस्तुतिकर्ता कलाकारों को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ मदन चंद्र दुबे, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, सहायक अभियंता आर.पी. यादव, डा. अनूप शर्मा, डा. अनिल चतुर्वेदी और ओमप्रकाश डागुर ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

Top of Form

SP_Singh AURGURU Editor