किसान से रिश्वत, फिर तहसील में मारपीट, एसडीएम ने लेखपाल वीरपाल सिंह को किया निलंबित
ग्राम रायभा के किसान मनोज सिंह ने लेखपाल वीरपाल सिंह पर 2500 रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया। आरोप है कि एक खेत की पैमाइश के बाद दूसरे खेत की नाप करने से लेखपाल ने इनकार कर दिया। विरोध करने पर तहसील परिसर में किसान से मारपीट और अभद्रता का आरोप। वीडियो वायरल होने और मीडिया में मामला आने के बाद एसडीएम अभिनव पाठक ने संज्ञान लिया। प्रथम दृष्टया आरोप सही मिलने पर लेखपाल को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई गई।
खेत की पैमाइश के नाम पर 2500 रुपये लेने का आरोप, दूसरे खेत की नाप से किया इनकार, विरोध करने पर तहसील परिसर में किसान से मारपीट का मामला
आगरा/ किरावली। तहसील किरावली में एक किसान से कथित रिश्वतखोरी, अभद्रता और मारपीट के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी क्षेत्रीय लेखपाल वीरपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अभिनव पाठक ने मामले का संज्ञान लेते हुए कड़ा कदम उठाया।
मामला ग्राम रायभा निवासी किसान मनोज सिंह से जुड़ा है। किसान का आरोप है कि उसके दो खेतों की पैमाइश करने के बदले क्षेत्रीय लेखपाल वीरपाल सिंह ने 2500 रुपये की रिश्वत ली थी। आरोप है कि रकम लेने के बाद लेखपाल ने एक खेत की पैमाइश तो कर दी, लेकिन दूसरे खेत की नाप करने से साफ इनकार कर दिया।
पीड़ित किसान का कहना है कि जब उसने गाटा संख्या 509 और 518 की पैमाइश कराने की बात कही तो लेखपाल ने सरकारी आदेश लाने की बात कहकर उसे टालना शुरू कर दिया। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो किसान ने विरोध जताया। आरोप है कि विरोध से नाराज लेखपाल और उसके सहयोगियों ने तहसील परिसर स्थित अपने केबिन में ही किसान को बुलाकर उसके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट कर दी। घटना में किसान के सिर, हाथ और पेट में चोटें आईं। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
न्याय की उम्मीद में किसान लगातार अधिकारियों के चक्कर काटता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अभिनव पाठक ने प्राथमिक जांच कराई। जांच में शासकीय नियमों के उल्लंघन, पद के दुरुपयोग, रिश्वत लेने तथा फरियादी के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद एसडीएम ने आरोपी लेखपाल वीरपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। लेखपाल पर हुई कार्रवाई के बाद तहसील क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
वहीं पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया है।एसडीएम अभिनव पाठक ने स्पष्ट कहा है कि जनता के साथ अभद्रता, भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पीड़ित किसान को निष्पक्ष जांच और उसकी भूमि की नियमानुसार पैमाइश कराने का आश्वासन भी दिया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से तहसील और राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है। संदेश साफ है कि फरियादियों का उत्पीड़न करने वाले और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ अब सीधे कार्रवाई होगी।