ब्रिक्स प्रतिनिधियों को भाया ताज का दीदार, संगमरमर की पच्चीकारी को देख हुए मंत्रमुग्ध
ब्रिक्स एमएसएमई फोरम की तीसरी वर्किंग ग्रुप बैठक में शामिल होने आगरा पहुंचे ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने शनिवार सुबह ताजमहल का भ्रमण किया। उन्होंने स्मारक की पच्चीकारी और स्थापत्य कला की जानकारी ली तथा ताजमहल के साथ यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं।
आगरा। ब्रिक्स एमएसएमई फोरम की तीसरी वर्किंग ग्रुप बैठक में भाग लेने के लिए आगरा पहुंचे ब्रिक्स देशों के 30 प्रतिनिधियों ने शनिवार सुबह विश्व धरोहर ताजमहल का दीदार किया। उगते सूरज की सुनहरी किरणों में नहाए ताजमहल की अद्भुत छटा ने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्मारक की भव्यता, स्थापत्य कला और बारीक पच्चीकारी को देखकर प्रतिनिधि लंबे समय तक उसकी सुंदरता का आनंद लेते रहे।
ब्रिक्स प्रतिनिधि सुबह साढ़े छह बजे अपने होटल से निकले और सीधे ताजमहल जा पहुंचे। इस समय तक सूरज की किरणों में ज्यादा तपिश नहीं थी। सुबह के खुशनुमा माहौल में ताजमहल भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने स्मारक की संगमरमर पर की गई पच्चीकारी, नक्काशी और निर्माण तकनीक को लेकर गाइड से विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने ताजमहल के इतिहास, निर्माण में प्रयुक्त बहुमूल्य पत्थरों और शिल्पकला से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे। गाइड ने उन्हें स्मारक की ऐतिहासिक और वास्तुशिल्पीय विशेषताओं से अवगत कराया।
ताजमहल की मनमोहक खूबसूरती से प्रभावित प्रतिनिधि बार-बार विभिन्न स्थानों पर रुककर स्मारक के साथ तस्वीरें खिंचवाते रहे। कई प्रतिनिधियों ने अपने मोबाइल फोन और कैमरों में इस ऐतिहासिक धरोहर की यादों को कैद किया। सुबह का शांत वातावरण और ताजमहल की अलौकिक आभा उनके लिए यादगार अनुभव बन गई।
गौरतलब है कि ब्रिक्स एमएसएमई फोरम की तीसरी वर्किंग ग्रुप बैठक के लिए विभिन्न सदस्य देशों के प्रतिनिधि आगरा पहुंचे हैं। शुक्रवार को आयोजित बैठक में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी तथा उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी भी शामिल हुए थे। बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग, नवाचार, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना है।
ब्रिक्स के प्रतिनिधियों द्वारा शाम के समय एक बार फिर से ताजमहल देखा जा सकता है। संभवतः सूर्यास्त के समय वे ताजमहल की खूबसूरती को फिर से निहारेंगे। सायंकाल आगरा किला समेत अन्य दूसरे स्मारकों पर भी जाने का कार्यक्रम है।