बजट 2026 में टैक्स व्यवस्था में बड़ा परिवर्तनः आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं, एक अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट, छोटे करदाताओं को राहत, सजा की जगह जुर्माना, बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए टैक्स व्यवस्था, निवेश, उद्योग और वित्तीय बाजारों से जुड़े कई बड़े और दूरगामी फैसलों की घोषणा की। करीब एक दशक बाद रविवार को पेश हुए बजट में सबसे अहम ऐलान नए इनकम टैक्स एक्ट को लेकर रहा, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। बजट में इनकम टैक्स स्लैब में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
नया इनकम टैक्स एक्ट: सजा नहीं, जुर्माना
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि नया इनकम टैक्स एक्ट करदाताओं के लिए सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाएगा। इनकम टैक्स फॉर्म को और आसान किया जाएगा। छोटे करदाताओं के लिए पूरी प्रक्रिया सरल होगी। छोटे टैक्स अपराध, जैसे आयकर छिपाने पर अब जेल की सजा नहीं, बल्कि जुर्माना लगेगा। ऐसे मामलों में 30 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान होगा। दंडात्मक कार्रवाई की जगह टैक्स देकर मामले का निपटारा संभव होगा। मुकदमेबाजी कम करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। इसके साथ ही अघोषित आय की सीमा को एक करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया है।
31 जुलाई तक भर सकेंगे आईटी रिटर्न
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि करदाता अब 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। इससे लाखों वेतनभोगी और छोटे व्यवसायियों को राहत मिलेगी।
बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स
बजट में कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़े एक अहम फैसले के तहत अब शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाएगा। इसके अलावा अतिरिक्त बायबैक टैक्स का भी प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे टैक्स प्रणाली अधिक संतुलित और न्यायसंगत बनेगी।
विदेश यात्रा होगी आसान
बजट भाषण में यह भी संकेत दिया गया कि विदेश यात्रा से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों और कारोबारियों को सहूलियत मिलेगी। विदेश यात्रा पर लगने वाले टैक्स को कम. कर विदेश यात्रा टीसीएस दर 5 फीसदी कर दी गई है।