स्वर्ग आश्रम में महात्मा की हत्या का मामला: साक्ष्य के अभाव में नोरा उर्फ बच्चू और अवधेश बरी
आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र में एक संन्यासी की हत्या के मामले में अपर जिला जज मृदुल दुबे की अदालत ने साक्ष्य के अभाव और गवाहों के बयानों में विरोधाभास के चलते नामजद आरोपियों नोरा उर्फ बच्चू तथा अवधेश कुमार तोमर निवासी ग्राम अकबरा को बरी कर दिया।
घटना 3 जनवरी 2023 की है। वादी रूपेश पुत्र ओमप्रकाश ने थाने में तहरीर दी थी कि उसके चाचा श्रीकांत ने संन्यास ले लिया था और पिछले 20 वर्षों से गांव से बाहर स्वर्ग आश्रम में रह रहे थे और वहीं खुद खाना बनाकर जीवन यापन करते थे। वह अविवाहित थे। घटना वाले दिन दोपहर करीब 3:30 बजे गांव के कुछ लोगों ने बताया कि आश्रम खुला हुआ है लेकिन श्रीकांत दिखाई नहीं दे रहे। वादी अपने पिता ओम प्रकाश और बड़े भाई ओंकार के साथ आश्रम पहुंचा। खोजबीन करने पर उनका शव आश्रम के सामने गड्ढे की झाड़ियों में पड़ा मिला। उनके शरीर पर चोट के निशान थे।
वादी ने शक जताया कि एक जनवरी को आरोपी नोरा उर्फ बच्चू और एक अन्य व्यक्ति डलुआ से पैसों को लेकर हुए विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद उसके चाचा की हत्या की गई। हालांकि, एफआईआर और बयान में अवधेश कुमार तोमर का नाम नहीं था। पुलिस जांच में अवधेश का नाम आया। अदालत में गवाहों के बयानों में भी भारी विरोधाभास पाया गया। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि हत्या इन्हीं आरोपियों ने की थी।
इस आधार पर अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। उनकी ओर से एसपी सिंह बघेल, राम प्रकाश शर्मा और गोविंद शरण बघेल एडवोकेट ने पैरवी की।