रिश्तों की दरकन की सच्चाई बयां कर रहे हैं नेहा और मेधा की मौत के मामले
आगरा। दो दिन पहले आगरा की नेहा की लखनऊ और और बीते कल मेधा नायक की कानपुर में हुई मौत के दो मामले दरकते रिश्तों की सच्चाई बयां कर रहे हैं। आगरा की जिन दोनों बेटियों की मौत हुई है, उनमें से एक ने पति के फोन पर बात न हो पाने पर अपनी जान दे दी तो दूसरी का अपने पति से तलाक का केस चल रहा था।
शमसाबाद रोड स्थित राजपुर चुंगी की नेहा ने रविवार रात लखनऊ में आवास के अंदर पंखे से लटककर अपनी जान दे दी थी। नेहा की मौत की ठोस वजह तो सामने नहीं आई है। बस इतना पता चला कि उसने सुसाइड से पहले हैदराबाद में डेंटिस्ट पति दीपक को फोन किया था। दीपक ने उस समय व्यस्तता का हवाला देकर बात नहीं की थी।
बाद में दीपक ने फोन मिलाया तो नेहा का फोन नहीं उठा। डॉ दीपक ने सोचा कि रात ज्यादा हो गई है इसलिए सो गई होगी। सुबह दीपक ने फिर फोन किया तो भी नेहा का फोन नहीं उठा। इस पर उसने पड़ोसियों से संपर्क किया तो भी दरवाजा नहीं खुला। पुलिस आई और दरवाजा खोल कर देखा तो नेहा का शव पंखे पर लटका हुआ था।
आगरा की नेहा लखनऊ में बजाज एलियांज कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम कर रही थी। वह महज 25 साल की थी और साल भर पहले ही उसने डॉक्टर दीपक से प्रेम विवाह किया था। इस दंपति का वैवाहिक जीवन एक साल के अंदर बिखर गया।
शहर की दूसरी बेटी मेधा नायक सिकंदरा क्षेत्र के रोशन विहार कॉलोनी निवासी रामजीलाल नायक की बेटी थी। वह कानपुर में किराए के फ्लैट में रह रही थी और फर्रुखाबाद जिले में बैंक ऑफ़ आर्यावर्त में मैनेजर थी। मेधा के पिता ने बीती रात अपनी बेटी को कई बार कॉल किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। उन्होंने बेटी के अपार्टमेंट के पास रहने वाले रिश्तेदार को फ्लैट पर भेजा। तब भी दरवाजा नहीं खुला तो सिक्योरिटी से डुप्लीकेट चाबी लेकर दरवाजा खोला गया। देखा कि मेधा अपने बेड पर मृत पड़ी थी। मेधा की उम्र 32 साल थी।
मेधा के पति शिवदत्त रेलवे में सेवारत हैं और झांसी में तैनात हैं। इन दोनों की शादीशुदा जिंदगी में भी कड़वाहट थी। आपसी सहमति से दोनों ने कोर्ट में तलाक का केस डाल रखा था, लेकिन तलाक होने से पहले ही मेधा दुनिया से चली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि मेधा की मौत की वजह क्या रही।