छांगुर बाबा इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ, मुस्लिम समाज उसका बहिष्कार करे: मौलाना रजवी

बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर गंभीर धार्मिक और सामाजिक आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छांगुर बाबा का काम न सिर्फ गैर कानूनी है, बल्कि इस्लामिक सिद्धांतों के भी खिलाफ है।

Jul 20, 2025 - 12:20
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छांगुर बाबा इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ, मुस्लिम समाज उसका बहिष्कार करे: मौलाना रजवी

मौलाना के मुताबिक, छांगुर बाबा ने धर्मांतरण के लिए लालच दिया, गैर मुस्लिम लड़कियों की मुस्लिम युवकों से सुनियोजित शादियां कराईं और अपने घर में खुद के लिए एक कब्र भी तैयार कर रखी थी। उस पर यह आरोप हैरान करता है कि उसने युवाओं की टोली बना रखी थी, जो लोगों पर दबाव बनाती थी।

इस्लाम में नहीं जबरन धर्मांतरण की इजाजत

मौलाना शहाबुद्दीन ने इस्लामी नजरिए से कहा कि इस्लाम में जब्र और लालच की कोई जगह नहीं है। पैग़म्बर-ए-इस्लाम की शिक्षाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी को इस्लाम स्वीकारने के लिए मजबूर नहीं किया। उनके जीवन में ऐसा एक भी उदाहरण नहीं है, जिसमें उन्होंने किसी पर धर्म बदलने का दबाव डाला हो।

पैग़म्बर का न्यायप्रिय उदाहरण

उन्होंने पैग़म्बर के दौर का एक प्रसंग बताया, जब एक गैर मुस्लिम की हत्या एक मुसलमान द्वारा की गई थी। उस पर पैग़म्बर ने बिना पक्षपात किए क़िसास (बदले) का हुक्म देकर इंसाफ की मिसाल कायम की थी।

छांगुर बाबा इस्लाम का नाम लेकर बदनाम कर रहा

मौलाना ने साफ कहा कि छांगुर बाबा इस्लाम के उसूलों को तोड़ रहा है, और उसकी हरकतों से इस्लाम की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे लोगों को इस्लाम में कोई स्थान नहीं है और मुस्लिम समाज को उसका सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए।

इस्लाम मोहब्बत और इंसाफ का मज़हब है, लालच और ज़बरदस्ती का नहीं

मौलाना ने दोहराया कि इस्लाम एक प्रेम और करुणा आधारित मज़हब है, किसी भी रूप में बल प्रयोग, लालच या साजिश से धर्मांतरण की इजाजत नहीं देता। छांगुर बाबा के कृत्य न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि इस्लामी उसूलों के भी खुले उल्लंघन हैं।

SP_Singh AURGURU Editor