आगरा में गूंजेगा 'जय जगन्नाथ' का उद्घोष, 16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा; 14 जुलाई को नवयौवन वेश में देंगे दर्शन, इस्कॉन मंदिर की तैयारियां तेज, देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल
आगरा। भगवान श्रीजगन्नाथ, बड़े भाई बलराम जी और बहन सुभद्रा जी की भव्य रथयात्रा को लेकर आगरा में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) की ओर से आयोजित होने वाले श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव के तहत 16 जुलाई को भगवान नंदीघोष रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। बल्केश्वर से शुरू होने वाली यह रथयात्रा कमला नगर और आसपास के क्षेत्रों से होते हुए रश्मि नगर स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। इस भव्य आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ देश-विदेश से हजारों भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में आयोजित आमंत्रण पत्र विमोचन समारोह में इस्कॉन (अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ) आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप (अरविन्द प्रभु) ने बताया कि स्नान पूर्णिमा के बाद परंपरा के अनुसार भगवान श्रीजगन्नाथ 14 दिनों तक अस्वस्थ रहने के कारण विश्राम करते हैं। उपचार पूर्ण होने के बाद 14 जुलाई को आयोजित नयन उत्सव में भगवान अपने नवयौवन वेश में भक्तों को दर्शन देंगे। इसके अगले दिन 15 जुलाई को मंदिर में भव्य फूल बंगला और छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन होगा।
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को दोपहर तीन बजे बल्केश्वर स्थित महालक्ष्मी मंदिर से भगवान श्रीजगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा नंदीघोष रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा बल्केश्वर और कमला नगर क्षेत्र से होते हुए रश्मि नगर स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं भगवान की आरती उतारकर पुष्पवर्षा से स्वागत करेंगी।
रथयात्रा से पहले शहरवासियों को आमंत्रित करने के लिए 10 से 13 जुलाई तक विभिन्न क्षेत्रों में आमंत्रण यात्राएं निकाली जाएंगी। आयोजन समिति के नितेश अग्रवाल ने बताया कि इन यात्राओं के दौरान लगभग एक लाख श्रद्धालुओं को खिचड़ी प्रसाद वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग रथयात्रा महोत्सव से जुड़ सकें।
अरविन्द प्रभु ने बताया कि 15 जुलाई को भगवान को 14 दिन के उपचार और सात्विक आहार के बाद भक्तों द्वारा तैयार किए गए 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। भक्त स्वयं अपने घरों में भोग बनाकर मंदिर लेकर आएंगे। इसके साथ ही फूल बंगला की भव्य सजावट भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी।
12 जुलाई से शुरू होगा गुण्डिचा मार्जन
अरविन्द प्रभु ने बताया कि 12 जुलाई से गुण्डिचा मार्जन अनुष्ठान प्रारंभ होगा। यह रथयात्रा से पहले मंदिर की विशेष सफाई, रंग-रोगन और पुष्प सज्जा का धार्मिक आयोजन है। मान्यता है कि इस अनुष्ठान से केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि भक्तों का मन और हृदय भी निर्मल होता है। यह परंपरा पुरी की विश्वविख्यात रथयात्रा से जुड़ी हुई है।
आमंत्रण यात्रा का कार्यक्रम
10 जुलाई: शाम 5 बजे करकुंज चौराहे से प्रारंभ होकर कारगिल पेट्रोल पंप होते हुए पश्चिम पुरी चौराहे तक। 11 जुलाई को शाम 5 बजे पीपील वाला गेट से सिंधी बाजार, किनारी बाजार, रावतपाड़ा, दरेसी, मोतीगंज होते हुए बेलनगंज चौराहा तक। 12 जुलाई (प्रातः) को सुबह 6 बजे दुर्गा मंदिर डिफेंस एस्टेट से प्रारंभ होकर बिंदू कटरा क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पुनः डिफेंस एस्टेट पहुंचेगी। 12 जुलाई (सायं) को शाम 5 बजे बल्केश्वर महादेव मंदिर से बल्केश्वर चौराहा, चांदनी चौक, सिटी मॉल, न्यू आदर्श नगर, पानी की टंकी, महाराजा अग्रसेन मार्ग होते हुए श्रीजगन्नाथ मंदिर तक। 13 जुलाई को शाम 5 बजे आजाद पेट्रोल पंप, संजय प्लेस से प्रारंभ होकर कॉसमॉस मॉल, संजय प्लेस तक आमंत्रण यात्रा निकलेगी।
आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में सुधीर अग्रवाल, शैलेश बंसल, अनूप अग्रवाल, अखिल मोहन मित्तल, विमल नयन फतेहपुरिया, अमित मित्तल, दीपक प्रह्लाद मित्तल, राजीव मल्होत्रा, अनुज अग्रवाल, मनीष गुप्ता, रमेश यादव, ओमप्रकाश अग्रवाल, अदिति गौरांगी, विष्णु शर्मा, अंशुल अग्रवाल, रविन्द्र कुमार अग्रवाल, अंकित अग्रवाल और जितेन्द्र गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।