नेपाल में प्रदर्शनकारियों का तांडव, कई राजनेताओं पर हमले, आगजनी में अरबों का नुकसान, सेना का अल्टीमेटम
काठमांडू। नेपाल में छात्रों का भारी बवाल जारी है। नेपाल की केपी शर्मा ओली सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत 26 सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से बैन हटा लिया है। इसके बाद भी युवा मान नहीं रहे। इस बीच सेना अब पूरी तरह से एक्शन में आ गई है। सेना ने विद्रोहियों को तत्काल हिंसा बंदकर घरों में लौटने को कहा है। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद उनके उत्तराधिकारी पर चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि नेपाली कांग्रेस और सीपीएन यूएमएल का कोई भी नेता इस दौड़ में शामिल नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि कोई युवा चेहरा नेपाल का अगला प्रधानमंत्री हो सकता है।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की अध्यक्ष रबी लामिछाने ने प्रदर्शनकारियों से अनुशासित तरीके से आंदोलन चलाने का आह्वान किया है। जेल से रिहा होने के बाद एक सार्वजनिक अपील में, लामिछाने ने जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करने का आग्रह किया।
नेपाली राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने मौजूदा राष्ट्रीय संकट के बीच सभी पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया है। मंगलवार को जारी एक बयान में, राष्ट्रपति पौडेल ने कहा, "प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, मुझे विश्वास है कि सभी पक्ष देश, जनता और लोकतंत्र के हित में मुद्दों को सुलझाने में सहयोग करेंगे।" हालांकि इसके बाद राष्ट्रपति के भी इस्तीफे की बात कही गई है।
नेपाल में 2 और प्रदर्शनकारियों की मौत, बालेन शाह ने की अपील
नेपाल में जारी हिंसा में 2 और प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि राजधानी काठमांडू के कालीमाटी इलाके में पुलिस के फायरिंग में 2 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही नेपाल में प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 22 तक पहुंच गई है। इस बीच नेपाल के भावी पीएम बताए जा रहे बालेन शाह ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे संयम बरतें और शांति से काम लें।
नेपाली सेना ने प्रदर्शनकारियों को दे दिया अल्टीमेटम
नेपाली सेना ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है। सेना ने दोहराया है कि वह नेपाल के लोगों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सेना ने सभी नागरिकों से स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए संयम बरतने का आग्रह किया। नेपाली सेना का यह बयान प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे और उनके देश छोड़कर भागने की अटकलों के बाद आया है। नेपाल में कई बड़े राजनेताओं के घरों पर भी हमले हुए हैं और उनके साथ मारपीट भी की गई है।
नेपाली सेना ने हिंसा पर जताया दुख
एक आधिकारिक बयान में, नेपाली सेना ने कहा, "नेपाली सेना कठिन परिस्थितियों में भी नेपाल की स्वतंत्रता, संप्रभुता, भौगोलिक अखंडता, स्वाधीनता, राष्ट्रीय एकता और नेपाली जनता के जीवन व संपत्ति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। नेपाली सेना नेपाल में वर्तमान में चल रहे "जेन-जी" आंदोलन के घटनाक्रम का विश्लेषण कर रही है। इस आंदोलन के दौरान हुई जान-माल की अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, नेपाली सेना दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करती है और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना एवं सहानुभूति व्यक्त करती है। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना करती है।"
लोगों से शांति की अपील की
बयान में आगे कहा गया है, "नेपाल एवं नेपाली जनता के कल्याण एवं सुरक्षा हेतु सदैव समर्पित नेपाली सेना, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, नेपाल एवं नेपाली जनता के जीवन एवं संपत्ति की रक्षा हेतु कटिबद्ध है। इस कठिन परिस्थिति में, देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पुरातात्विक एवं राष्ट्रीय सम्पदा की रक्षा करना हम सभी का साझी जिम्मेदारी है। अत नेपाली सेना समस्त युवा जनशक्ति एवं देशवासियों से विनम्र अनुरोध करती है कि वे सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता बनाए रखते हुए संयम बरतें ताकि वर्तमान स्थिति और जटिल न हो।"
नेपाल के कई नेता देश छोड़कर भागे
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के बाद पीएम केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बीच एक दर्जन से ज्यादा हेलिकॉप्टरों ने त्रिभुवन एयरपोर्ट से उड़ान भरी है। माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में ओली समर्थक नेता देश छोड़कर भाग गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के रास्ते में आग लगा दें ताकि ये नेता देश छोड़कर भाग न सकें। एयरपोर्ट पर कई विमान उतर नहीं पा रहे हैं।
नेपाल की संसद में आग लगाई गई
प्रदर्शनकारियों ने नेपाल की संसद को आग के हवाले कर दिया है। सैकड़ों की संख्या में संसद में घुसे प्रदर्शनकारियों ने देश की संसद को फूंक दिया है। संसद भवन के अंदर कई प्रदर्शनकारियों के हाथ में हथियार देखे गये थे। बताया जा रहा है कि सेना के जवानों से ये हथियार छीने गये थे।
कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में हथियार देखे गये हैं। वहीं देश के वित्त मंत्री की भीड़ ने बुरी तरह से पिटाई की है। नेपाल की कांग्रेस पार्टी के दफ्तर को जला दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक भीड़ ने सेना के जवानों से हथियार छीन लिए हैं और संसद भवन के अंदर घुस आए हैं।
नेपाली राष्ट्रपति के घर के पास गोलीबारी
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडयाल के निजी घर के पास गोलीबारी की आवाजें सुनी गई हैं। बताया जा रहा है कि जेन जेड प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के घर को आग लगा दिया था। यहां पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। इस बीच प्रदर्शनकारी नेपाल सरकार के मुख्य प्रशासनिक भवन सिंह दरबार में घुस गए हैं। उन्होंने सिंह दरबार के मुख्य दरवाजे को तोड़ दिया।
नेपाल के पीएम ओली भाग सकते हैं दुबई
नेपाली मीडिया का कहना है कि पीएम केपी ओली देश छोड़कर भाग सकते हैं। नेपाल के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर VIP ट्रैफिक के लिए प्लेन तैयार खड़ा है। इस विमान को देश में चल रहे भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अलर्ट किया गया है। इन प्रदर्शनों में अब तक 19 लोग मारे गए हैं। केपी ओली के इस्तीफे की मांग तेजी होती जा रही है। छात्र पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड और शेर बहादुर देउबा के घर तक पहुंच गए हैं।
हिंसा की जांच के लिए कमेटी
इसके साथ ही कैबिनेट ने हिंसा की जांच के लिए एक जांच समिति का भी गठन किया है। कमेटी को 15 दिनों में रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। पिछले हफ्ते ओली सरकार ने फेसबुक, वॉट्सएप और यूट्यूब समेत सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स को सरकार के साथ सूचीबद्ध कराने में असफल रहने के बाद प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके बाद नेपाल की राजधानी की सड़कों पर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शनों का नेतृत्व युवाओं ने किया, जिनकी उम्र 13 से 28 साल के बीच है।
पुलिसकर्मियों को पीट-पीटकर मारा
रिपोर्ट में बताया गया है कि नेपाल के कोटेश्वर में तैनात तीन पुलिस अधिकारियों की प्रदर्शनकारियों ने बेरहमी से हत्या कर दी, जबकि वे पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पहले पुलिस प्रभाग कार्यालय में आग लगाई और फिर अधिकारियों को सड़क पर घसीट लिया। हथियार डालने के बावजूद, भीड़ ने तीनों अधिकारियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। नक्सल स्थित नेपाल पुलिस मुख्यालय ने हत्याओं की पुष्टि की है।
नेपाल के अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में रबी लामिछाने सबसे आगे
नेपाल के पूर्व गृह मंत्री रबी लामिछाने, केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद उत्तराधिकारी की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। उन्होंने 2022 में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की स्थापना की थी। आरएसपी ने खुलकर इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। उनकी पार्टी के 21 सांसदों ने एकसाथ इस्तीफा देकर ओली पर इस्तीफे का दबाव बनाया। ऐसे में युवाओं का समर्थन भी रबी लामिछाने के साथ है। ऐसा कहा जा रहा है कि लमिछाने ने नेपाली संसद को अस्थिर करने के लिए एक सोची समझी रणनीति के तहत अपने सांसदों का इस्तीफा करवाया।
रबी लामिछाने नेपाल में पहले से ही युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। नेपाल के युवा उन्हें भ्रष्टाचार विरोधी राजनीति का प्रतीक मानते हैं। यही कारण है कि वह युवाओं के बीच देउबा, ओली, प्रचंड जैसे जमे हुए नेताओं के विपरीत एक बेदाग विकल्प के रूप में उभरे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने ही पर्दे के पीछे इस आंदोलन को समर्थन दिया और युवाओं को सरकार पर दबाव डालने के लिए उकसाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर युवाओं की असहमतियों को सड़कों पर उतारा और देश में एक बड़े तख्तापलट को अंजाम दिया है।
बलेंद्र "बलेन" शाह
नेपाल में ओली के उत्तराधिकारी के रूप में एक और नाम चर्चा में है। यह काठमांडू के मेयर बलेंद्र "बलेन" शाह हैं। हालांकि, उन्हें एक कमजोर प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है। उन्होंने पहले रैपर के तौर पर भी अपनी किस्मत आजमाई और बाद में राजनीति में कदम रखा। 2022 के स्थानीय चुनावों में वह काठमांडू के मेयर चुने गए। बलेन शाह एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर, रैपर, कवि और संगीतकार हैं जो बाद में राजनेता बने। वह इस प्रमुख पद पर चुने गए पहले स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं। 7 सितंबर को, बलेन शाह ने नेपाल में भ्रष्टाचार और विवादास्पद सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ जेन-जेड के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया था।