बरेली में मतांतरण के आरोप में ईसाई प्रचारक गिरफ्तार: धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी केस, पूछताछ के बाद भेजा गया जेल
-आरके सिंह- बरेली। जिले में कथित मतांतरण के प्रयास और धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में मीरगंज पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। उसके कब्जे से धार्मिक साहित्य, हस्तलिखित नोटबुक और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। हालांकि अब तक किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन की पुष्टि नहीं हुई है।
मीरगंज थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने शीशगढ़ थाना क्षेत्र के भुडासी गांव निवासी प्रेमपाल (51) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को ईसाई धर्म का प्रचारक बताता है और ग्रामीणों के बीच कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रचार करता था। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ग्रामीण की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
एसएचओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि थाना मीरगंज के सैंजना गांव निवासी अंकित की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 62 और 299 तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि गुरुवार को गजेंद्र पुत्र छेदालाल के घर आयोजित एक सभा में आरोपी ने लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा हिंदू देवी-देवताओं और हिंदू धर्म के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
पुलिस ने गठित की थीं दो टीमें
एसएचओ रवि कुमार सिंह के अनुसार मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी की तलाश के लिए थाना स्तर पर दो पुलिस टीमें बनाई गईं। शुक्रवार सुबह सूचना मिली कि आरोपी नगरिया सादात रेल फाटक मोड़ स्थित अंडरपास के पास सवारी वाहन का इंतजार कर रहा है।
सूचना के आधार पर दरोगा नितिन शिरीष और राजवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
धार्मिक साहित्य और मोबाइल बरामद
पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पवित्र बाइबल, एक पवित्र शास्त्र (भजन संहिता एवं नीतिवचन), दो 'नया नियम' पुस्तकें, 'मुक्तिदाता कौन' नामक पुस्तक, 'बेदारी के गीत' नामक आध्यात्मिक गीतों की पुस्तक, एक हस्तलिखित नोटबुक तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पूछताछ में क्या कहा आरोपी ने
पुलिस के अनुसार पूछताछ में प्रेमपाल ने स्वयं को ईसाई धर्म का प्रचारक बताया। उसने स्वीकार किया कि उसने ग्राम सैंजना में गजेंद्र के घर पर ईसाई धर्म से संबंधित एक सभा आयोजित की थी, जिसमें अमित, रोहित, धर्मेंद्र, तीरथराम समेत कई लोग मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने यह भी कहा कि उसके प्रयासों के बावजूद किसी ने ईसाई धर्म नहीं अपनाया।
ग्रामीणों ने लगाए प्रचार के आरोप
पुलिस के अनुसार ग्रामीणों ने बताया कि प्रेमपाल पिछले करीब दस वर्षों से भुडासी और आसपास के गांवों में बैठकर ईसाई धर्म का प्रचार करता था तथा अन्य धर्मों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां कर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन की पुष्टि नहीं हुई है।
पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी को सक्षम न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।