'गूगल बाबा' के मंगल प्रवेश से गूंज उठी ताजनगरी, सेवला रोड से छीपीटोला तक निकली हजारों श्रद्धालुओं की शोभायात्रा ने रचा आस्था का इतिहास
आगरा में पहली बार जैन समाज ने ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन का साक्षी बनते हुए सेवला रोड से श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर एवं जैन भवन, निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला तक विशाल शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा के साथ पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर महाराज के तीन रत्नों में शामिल 'गूगल बाबा' श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर महाराज सहित मुनि संघ का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों, धार्मिक झांकियों, जयघोष और 108 पाद प्रक्षालनों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। विशाल पंडाल में उमड़े श्रद्धालुओं के बीच मुनिश्री ने धर्म पुरुषार्थ और वास्तविक सुख का संदेश देते हुए जीवन को धर्ममय बनाने का आह्वान किया।
राज पैराडाइस से शुरू हुई ऐतिहासिक शोभायात्रा
आगरा में पहली बार आयोजित इस भव्य आयोजन की शुरुआत राज पैराडाइस, सेवला रोड से हुई। शोभायात्रा सदर बाजार जैन मंदिर से होते हुए शहजादी मंडी, मेहर सिनेमा, आईजी कार्यालय मार्ग से गुजरते हुए श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, जैन भवन, निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला पहुंची, जहां मुनि संघ का भव्य मंगल प्रवेश कराया गया।
शोभायात्रा में सबसे आगे महिलाएं हाथों में जैन ध्वजा लेकर चल रही थीं। उनके पीछे आकर्षक धार्मिक झांकियां, ढोल, बैंड-बाजे और कलश यात्रा चल रही थी। बैंड की मधुर धुनों पर श्रद्धालु "तुम से लगी लगन" जैसे भजनों पर नृत्य करते हुए भक्ति में सराबोर दिखाई दिए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
'गूगल बाबा' सहित मुनि संघ का हुआ भव्य मंगल प्रवेश
संतचर्या शिरोमणी पट्टाचार्य आचार्य भगवन श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के तीन अनमोल रत्नों में शामिल 'गूगल बाबा' श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज सहित मुनि संघ का छीपीटोला में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह 108 पाद प्रक्षालन कर मुनि संघ का अभिनंदन किया। शोभायात्रा में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के जीवन परिचय पर आधारित झांकी तथा समत्व सागर जी महाराज की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
जयकारों से गूंज उठा विशाल पंडाल
मुनि संघ के मंच पर पहुंचते ही पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं से खचाखच भरा विशाल पंडाल किसी भव्य मंदिर परिसर जैसा दिखाई दे रहा था। मंच पर पहुंचने के बाद विजय शास्त्री जी के संचालन में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
शास्त्री जी ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट सहित विभिन्न मांगलिक कार्यक्रम संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक मुनि श्री का पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्म पुरुषार्थ ही वास्तविक सुख का मार्ग : समत्व सागर जी महाराज
अपने प्रवचन में 'गूगल बाबा' श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य अपने पूरे जीवन में अनेक प्रकार के पुरुषार्थ करता है। संसार में सामान्यतः चार प्रकार के पुरुषार्थ बताए गए हैं, लेकिन अधिकांश लोग केवल सांसारिक सुख की प्राप्ति के लिए ही भागदौड़ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अनादिकाल से जीवों ने अनंत प्रकार के पुरुषार्थ किए हैं, फिर भी वास्तविक सुख प्राप्त नहीं हुआ। यदि सच्चे पुरुषार्थ को देखना हो तो आज आगरा आकर देखिए कि धर्म के लिए किस प्रकार श्रद्धा, समर्पण और पुरुषार्थ किया जाता है। धर्म पुरुषार्थ ही जीवन को सार्थक और सुखमय बना सकता है।
इनका रहा विशेष सहयोग
इस आयोजन में श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के मनोज जैन, मुरारी लाल जैन, अनिल जैन, जगदीश प्रसाद, राकेश जैन, नीरज जैन जिनवाणी, अमित जैन (बाबी), आशीष जैन, रमेश जैन, मुकेश जैन, सतेंद्र जैन, राजीव जैन, आशीष जैन (बाबा), चक्रेश जैन, रोहित जैन, अनिकेत जैन, आदिश जैन, गौरव जैन, सचिन जैन तथा मीडिया प्रभारी राहुल जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके अलावा समस्त नमोस्तु शासन संघ, विभिन्न मंडलों, महिला मंडल तथा सकल जैन समाज के हजारों श्रद्धालु आयोजन में उपस्थित रहे और पूरे कार्यक्रम को सफल बनाया।