9 दिन बाद मिला 12 साल की बच्ची का सुराग, मां की प्रताड़ना से परेशान होकर मौसी के घर छिपी गई थी
फतेहपुर सीकरी के नगला रमले गांव से नौ दिन पहले लापता हुई 12 वर्षीय बच्ची को पुलिस ने राजस्थान के धौलपुर से बरामद कर लिया। जांच में पता चला कि बच्ची अपनी मां की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर घर छोड़कर मौसी के पास चली गई थी। रिश्तेदारों ने पुलिस और परिवार से यह बात छिपाए रखी। पुलिस अब मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
फतेहपुर सीकरी में गुमशुदगी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, रिश्तेदारों ने पुलिस और परिवार से छिपाई सच्चाई
आगरा/ फतेहपुर सीकरी। थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के नगला रमले गांव से नौ दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई 12 वर्षीय बच्ची को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ, जिसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि बच्ची अपनी सगी मौसी के घर पर थी और पूरे घटनाक्रम में कई रिश्तेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बच्ची के सकुशल मिलने के बाद जहां उसके पिता और दादा की आंखों में खुशी के आंसू थे, वहीं पुलिस ने भी राहत की सांस ली। बच्ची की गुमशुदगी को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा थी और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग भी परिवार से मिलकर पुलिस पर जल्द बरामदगी का दबाव बना रहे थे।
9 जुलाई को अचानक लापता हो गई थी
जानकारी के मुताबिक, नगला रमले निवासी सतीश राजपूत की 12 वर्षीय बेटी 9 जुलाई 2026 को अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 10 जुलाई को थाना फतेहपुर सीकरी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार अलग-अलग टीमें गठित कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी। लगातार नौ दिनों तक पुलिस ने तकनीकी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर जांच जारी रखी।
मां की प्रताड़ना से परेशान थी बच्ची
पुलिस जांच में सामने आया कि बच्ची अपनी मां के व्यवहार से काफी परेशान थी। आरोप है कि उसकी मां अक्सर उसके साथ मारपीट करती थी। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी वह नाराज होकर सिकंदरा के शास्त्रीपुरम स्थित अपनी मौसी राजकुमारी के घर चली गई थी, जहां से परिवार के लोग उसे समझाकर वापस ले आए थे। इस बार भी 9 जुलाई को वह टेंपो से शाहगंज पहुंची, जहां से उसकी मौसी राजकुमारी और मौसा प्रदीप उसे अपने घर ले गए। हालांकि उन्होंने इस बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं दी।
संतान न होने के कारण अपने पास रखना चाहते थे बच्ची को
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजकुमारी और उसके पति प्रदीप की कोई संतान नहीं है। इसी वजह से वे उसको अपने पास रखना चाहते थे। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी मामा, नाना और अन्य रिश्तेदार गांव आते-जाते रहे, लेकिन उन्होंने परिवार या पुलिस को बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
रिश्तेदारों पर शक हुआ तो खुला पूरा राज
शुरुआत में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला, लेकिन जांच के दौरान रिश्तेदारों की गतिविधियां संदिग्ध लगने लगीं। इसके बाद पुलिस ने गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई और एक-एक कर सभी रिश्तेदारों से पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ के दौरान पता चला कि राजकुमारी और प्रदीप ने बच्ची को राजस्थान के धौलपुर जिले में रहने वाली दूसरी मौसी नन्ही के घर भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस की और 16 जुलाई को धौलपुर से बच्ची को बरामद कर लिया।
कोर्ट में बयान के बाद परिजनों को सौंपी जाएगी बच्ची
प्रभारी निरीक्षक आनंद वीर सिंह ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि बच्ची की मां को इस बात का अंदेशा था कि बच्ची कहां जा सकती है, लेकिन उसने पुलिस को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को बच्ची को न्यायालय में बयान के लिए पेश किया जाएगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उसे उसके पिता और दादा की सुपुर्दगी में दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्ची की जानकारी छिपाने और जांच को गुमराह करने वाले रिश्तेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।