पटना में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक: विभिन्न मुद्दों के साथ बिहार चुनाव पर भी मंथन
पटना। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी ) की बैठक पटना के सदाकत आश्रम में आज सुबह प्रारंभ हो चुकी है। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब बिहार में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हो रही है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी इस बैठक में मौजूद नहीं रहीं।
समझा जा सकता है कि कांग्रेस ने बिहार चुनाव के मद्देनजर कार्यसमिति की बैठक पटना में रखी है। इस बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा के साथ बिहार में महागठबंधन के साथ विधानसभा सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा हुई। बैठक बिहार चुनाव प्रचार की रणनीति, गठबंधन की स्थिति आदि विषयों पर गहन मंथन हुआ। बता दें कि बिहार में कांग्रेस अधिक सीटों की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि अन्य राजद कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है।
मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी हमला किया गया। कार्यसमिति ने कहा कि पीएम मोदी की विदेश नीति भारत को कूटनीतिक अलगाव की ओर ले जा रही है। बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। पहला राजनीतिक प्रस्ताव और दूसरा संगठन-सृजन का प्रस्ताव था। बैठक में कांग्रेस ने बिहार के मतदाताओं से अपील की कि वे वोट चोरी की लड़ाई में जुटें और प्रतिक्रिया दें। बैठक में एक प्रस्ताव कर पिछड़ों को आरक्षण बढ़ाने की बात कही गई।
बैठक की शुरुआत एक ध्वजारोहण कार्यक्रम से हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस का ध्वज फहराया। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ को दलितों और गरीबों के अधिकारों की चोरी बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विफलताओं का आरोप भी लगाया।
खरगे ने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मानसिक रूप से रिटायर्ड मान लिया है, और उन्हें गठबंधन की बोझ के रूप में देखा जा रहा है।
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि सत्ताधारी दल लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह चुनावी धांधली कर रही है और संविधान को कमजोर कर रही है।