अदालत ने बरेली बवाल के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर की न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ाई
बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद से हुए बवाल के कथित मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा को एक बार फिर अदालत से राहत नहीं मिली। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी में सीजेएम अलका पांडे की अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी, जबकि इससे पहले उनकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। गंभीर धाराओं दंगा भड़काने, भीड़ को उकसाने, प्रशासन को धमकाने और हत्या की साजिश में घिरे तौकीर रजा पर कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं और वर्तमान में वह फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। मंगलवार को मौलाना तौकीर रजा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेशी हुई। सीजेएम अलका पांडे ने सुनवाई के दौरान तौकीर रजा की न्यायिक हिरासत को 14 दिन के लिए और बढ़ाने का आदेश दिया। अगली पेशी 22 दिसंबर को निर्धारित की गई है। यह जानकारी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी लवलेश सिंह ने दी।
26 सितंबर को बरेली में हुए हिंसक बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन्हें दंगे का मास्टरमाइंड बताया है। उनके खिलाफ कुल 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें दंगा, उकसावे, वीडियो जारी कर प्रशासन को धमकाने और हत्या की साजिश जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
जेल भेजे जाने के बाद उन्हें उसी दिन फतेहगढ़ सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। तौकीर रजा ने जमानत के लिए बरेली कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन अदालत ने कोई राहत नहीं दी और आवेदन खारिज कर दिया।
दंगा 26 सितंबर को उस समय भड़का, जब पुलिस ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इसी कार्रवाई के विरोध में तौकीर रजा ने घोषणा की थी कि जुमा की नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड में बड़ी संख्या में लोग जमा होंगे। उस समय नवरात्र और दो उर्स एक साथ होने के कारण प्रशासन ने एहतियातन धारा 163 लागू कर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
इसके बाद तौकीर रजा ने एक वीडियो जारी कर प्रशासन व सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि लोगों को रोका गया तो अंजाम ठीक नहीं होगा। जब पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो हालात बिगड़ गए। उपद्रवियों ने पथराव, फायरिंग और यहां तक कि पेट्रोल बम तक चलाए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाया।