फतेहपुर सीकरी के इम्लाबदा गांव में सिलेंडर धमाका: भीषण आग में दो परिवारों का सब कुछ खाक
-महावीर सिंह वर्मा- फतेहपुर सीकरी। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसेरी काजी के गांव इम्लाबदा में सोमवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते दो गरीब परिवारों की पूरी गृहस्थी को राख में बदल दिया। आग के दौरान गैस सिलेंडर में हुए जोरदार धमाके ने पूरे गांव को दहला दिया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चंद मिनटों में राख हुआ सब कुछ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब 8 बजे सुंदरलाल पुत्र मानसिंह और लाखन पुत्र मानसिंह के घर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर में रखा भूसा, अनाज, कपड़े, झोपड़ी सहित लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। आग इतनी भयावह थी कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सब कुछ जलकर नष्ट हो चुका था।
सिलेंडर धमाके से दहला गांव
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग के बीच अचानक गैस सिलेंडर फट गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और पूरा गांव दहशत में आ गया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक लोग सहम गए और मौके पर भीड़ जुट गई।
शादी में गए थे परिवार, टली बड़ी त्रासदी
गनीमत यह रही कि घटना के समय दोनों परिवार शादी समारोह में शामिल होने बाहर गए हुए थे। अगर वे घर पर मौजूद होते, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। हालांकि, ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए घर में बंधे पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस और दमकल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आनंद वीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की टीम ने भी पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आग के कारण पर संशय, जांच जारी
आग लगने के कारणों को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग सिलेंडर विस्फोट को वजह मान रहे हैं, जबकि अन्य ग्रामीण विद्युत फॉल्ट से आग लगने की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पीड़ितों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोजी-रोटी पर संकट, मदद की गुहार
इस भीषण हादसे ने दोनों परिवारों को पूरी तरह से तोड़ दिया है। घर, अनाज, कपड़े और जरूरी सामान जलने से उनके सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और पुनर्वास की मांग की है।