पेपर लीक को लेकर 10 करोड़ जुर्माना, 10 साल की जेल, कैबिनेट बैठक में नए कानून पर फैसला संभव
देश में किसी भी तरह के पेपर लीक को लेकर सरकार एक कठोर कदम उठाने जा रही है। इसके तहत 10 करोड़ जुर्माना, 10 साल की जेल का प्रावधान किया जाएगा। वहीं अभिजीत दिपके ने कहा कि यह आंदोलन दिपके या सोनम वांगचुक तक सीमित नहीं है। यह युवाओं का आंदोलन है। उधर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने कहा है कि अगले आदेश तक नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद रहेगा। इस स्टेशन पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
नई दिल्ली। आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक को लेकर नए कानून का मसौदा पेश किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि कानून में बदलावों के तहत पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए जेल की सजा और जुर्माने की रकम, दोनों बढ़ाई जा सकती हैं। पेपर लीक में शामिल लोगों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अभी पेपर लीक के मामले में दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
मौजूदा कानून के तहत अगर सर्विस प्रोवाइडर किसी संभावित अपराध की जानकारी नहीं देते हैं, तो उन पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल की जेल और कम से कम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद सोमवार को लोकसभा में संशोधन बिल पेश किए जाने की उम्मीद है।
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा हमें कुछ भी मंजूर नहीं है। विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं होगा। यह विरोध प्रदर्शन देश के युवाओं का है और यह सिर्फ सोनम वांगचुक या दिपके तक सीमित नहीं है। यह विरोध प्रदर्शन देश के युवाओं का है, विपक्षी दलों का नहीं। अगर सरकार को विरोध प्रदर्शन का समाधान चाहिए, तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही एकमात्र उपाय है। मुझे लगता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को हिरासत में रखा था। जेपी नड्डा उनसे मिल सके, लेकिन कोई भी विपक्षी सांसद उनसे नहीं मिल सका। यहां तक कि हम भी उनसे नहीं मिल पाए। मुझे बहुत खुशी है कि सोनम महोदय ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की पत्नी, डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि आधी रात को हमें सरकार से लिखित में कन्फर्मेशन मिला कि वे हमारी मांगें मान रहे हैं। जिसमें स्टूडेंट प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कोई एफआईआर न करना, नीट पीड़ितों को मुआवजा देना और संसद में एजुकेशन रिफॉर्म्स पर चर्चा करना शामिल है। सरकार की तरफ से जेपी नड्डा जी और जितेंद्र सिंह कल यहां आए थे। यह एक सफल आंदोलन रहा है और इसीलिए सोनम ने अपना उपवास खत्म कर दिया। कल से वह सेमी-सॉलिड डाइट लेना शुरू करेंगे।
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। विपक्ष के भारी हंगामा के चलते राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सभी विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में बोलते हुए कहा, "मैंने आज एक बार फिर केसी वेणुगोपाल से अनुरोध किया है कि जब हम सबकी राय है कि NEET पर चर्चा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया है। सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी है और चर्चा की मांग की है। अगर हम चर्चा नहीं करेंगे, तो इससे देश में सही संदेश नहीं जाएगा।"