शासन के एक आदेश को आठ महीने से दबाए बैठे हैं डिप्टी डाइरेक्टर
आगरा। उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों में पेंशनर्स को नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा चुका है, परन्तु आगरा मण्डल के चारों जनपदों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद एवं मैनपुरी में अभी तक यह कार्य प्रारम्भ तक नहीं हुआ है। मण्डलीय उप शिक्षा निदेशक द्वारा जानबूझकर विलम्ब कर आदेश की अवहेलना की जा रही है। इससे पेंशनर्स को बड़ा आर्थिक (वित्तीय) नुकसान हो रहा है।
-आगरा मंडल में पेंशनर्स को नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ नहीं दिया जा रहा, शिक्षक नेता का आरोप
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की प्रदेश कार्यसमिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 जून 2024 को एक शासनादेश जारी किया है, जिसमें 30 जून/31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों को पेंशन की गणना हेतु एक नोशनल वेतनवृद्धि जोड़ने के लिए आदेश दिए गए हैं।
इस आदेश के अनुसार, दिनांक एक जनवरी 2006 से प्रभावी वेतन समिति उत्तर प्रदेश वर्ष 2008 की संस्तुतियों के द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के कर्मचारियों सहित अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त अध्यापकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नोशनल वेतनवृद्धि देय है। एक नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ एक जनवरी 2006 से एक जनवरी 2016 के मध्य सेवानिवृत्त सभी पेंशनर्स को देय है।
डॊ. नरवार ने कहा कि आगरा मण्डल में यह कार्य पिछले आठ माह से लम्बित चल रहा है। इस शासनादेश के अनुपालन के लिए शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) द्वारा 12 दिसम्बर 2024 को आदेश दिए गए हैं। इस आदेश के अनुसार प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से 30 जून/31 दिसम्बर को सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को एक नोशनल वेतनवृद्धि जोड़ते हुए पेंशन एवं ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान किये जाने के लिए समस्त मण्डलीय उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को कहा गया है।
डॉ. नरवार ने उपशिक्षा निदेशक (माध्यमिक) आगरा से मांग की है कि पेंशनर्स को देय नोशनल वेतनवृद्धि के लम्बित कार्य को तत्काल प्रारम्भ कराया जाये। अन्यथा की स्थिति में आगरा मण्डल के पेंशनर्स आन्दोलन छेड़ने के लिए बाध्य होंगे।