कश्मीर में समान अधिकार और सुरक्षा के बिना विकास कार्य बंद होने चाहिए: पूरन डावर
आगरा। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल है। इसी संदर्भ में आगरा के प्रमुख उद्योगपति और समाजसेवी पूरन डावर ने कश्मीर नीति को लेकर तीन अहम सुझाव रखे हैं।
श्री डावर का कहना है कि जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है, इसलिए इसे केवल केंद्र शासित प्रदेश के रूप में ही रखा जाए। इस क्षेत्र में चुनाव नहीं कराए जाने चाहिए।
श्री डावर का यह भी मानना है कि जब तक जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और 35-ए धरातल पर नहीं आती, तब तक कोई भारतीय सुरक्षित तरीके से घाटी में घर, व्यवसाय और उद्योग नहीं चला सकता। जब तक ये स्थिति नहीं आ जाती, तब कश्मीर में किसी भी प्रकार के विकास कार्य नहीं होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक कश्मीर के मुसलमान भारत के अन्य धर्मों को समानता से स्वीकार नहीं करते, तब तक भारतीय पर्यटकों को घाटी की यात्रा नहीं करनी चाहिए। जब मुसलमान भारत में धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं तो घाटी सेक्युलर क्यों नहीं है। घाटी में भी सभी भारतीयों को वही अधिकार होने चाहिए जो कश्मीरियों को भारत के अन्य राज्यों में हासिल हैं।