पुरुषोत्तम मास में श्रद्धा में डूबे भक्तः श्रीमथुराधीश जी मंदिर में विवाहोत्सव, श्रीजगन्नाथ जी मंदिर में सजा आम कुंज, श्रीप्रेमनिधि मंदिर में पवित्रारोपण और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा
आगरा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आगरा के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की अनूठी छटा देखने को मिली। कहीं भगवान श्रीमथुराधीश जी महाराज तुलसा जी को ब्याहने बारात लेकर पहुंचे, तो कहीं पवित्रा एकादशी पर ठाकुर जी को सूखे मेवों की दिव्य पोशाक धारण कराई गई। वहीं श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव की उमंग में श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। दिनभर मंदिर परिसरों में भजन, कीर्तन, जयघोष और मंगल गीतों की गूंज रही। श्रीजगन्नाथ जी मंदिर में आम कुंज में श्री हरि के दर्शन हुए।
बैंडबाजों संग तुलसा जी को ब्याहने पहुंचे श्रीमथुराधीश जी महाराज, भक्ति में डूबा मंदिर परिसर
यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पुरुषोत्तम मास के दौरान भक्ति भाव के साथ श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज और तुलसा जी का विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गर्भगृह से दूल्हा स्वरूप में निकले श्रीमथुराधीश जी महाराज बैंडबाजों के साथ बारात लेकर पहुंचे तो पूरा परिसर हरि नारायण के जयकारों से गूंज उठा। बारात का पुष्पवर्षा और तिलक कर स्वागत किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संस्कार सम्पन्न हुआ। मंदिर को सतरंगी फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया। विवाहोत्सव में मंदिर महंत नन्दन श्रोत्रिय, जुगल श्रोत्रिय, संजीव अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, उत्कर्ष अभिनव, गौरांग अग्रवाल, तपस्या शर्मा, विशाखा श्रोत्रिय, आव्या, ओजस्वी भारद्वाज, संजू भारद्वाज, पल्लवी, शशि, मंजरी और अपाला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आम के कुंज में विराजे श्रीजगन्नाथ: सैकड़ों किलो आमों से सजा मंदिर, 75 व्यंजनों के भोग पर उमड़े श्रद्धालु

श्री जगन्नाथ मंदिर (इस्कान) में आयोजित आम के कुंज दर्शन के दौरान सैकड़ों किलो आमों से सजे मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के दर्शन करते श्रद्धालु।
आगरा। श्री जगन्नाथ मंदिर (इस्कान) में आम के मनोरथ एवं आम के कुंज दर्शन का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर को विभिन्न प्रजातियों के आमों से आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और मनोहारी बन गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी एवं सुभद्रा जी के अलौकिक दर्शन के लिए पहुंचे।
आम के कुंज दर्शन के अंतर्गत मंदिर के फूल बंगले को सैकड़ों किलो आमों से सजाकर दिव्य कुंज का स्वरूप प्रदान किया गया। आमों से वृक्ष, तोरण, मेहराब और झूमरों की आकर्षक सजावट की गई, जिसने श्रद्धालुओं को वृंदावन के दिव्य निकुंजों की अनुभूति कराई। ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार कर उन्हें आमरस, आम की खीर, आम श्रीखंड, आम बर्फी, आम पन्ना, आम चटनी और आम का हलवा सहित 75 प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।
विशेष बात यह रही कि अधिकांश व्यंजन श्रद्धालु अपने घरों से बनाकर ठाकुर जी की सेवा में लेकर आए। मृदंग और मंजीरों की मधुर ध्वनि पर हुए संकीर्तन में भक्तजन देर शाम तक झूमते रहे। "जय जगन्नाथ" और "हरे कृष्ण, हरे राम" के जयघोषों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के पट रात्रि 9:30 बजे तक खुले रखे गए।
मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने विधि-विधान से आरती सम्पन्न कराई। इस अवसर पर कान्ता प्रसाद अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, संजीव बंसल, संजीव मित्तल, राजेश उपाध्याय, अदिति गौरांगी, ओमप्रकाश अग्रवाल, आशु मित्तल और शाश्वत नन्दलाल सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।
पवित्रा एकादशी पर सूखे मेवों की दिव्य पोशाक में सजे ठाकुर जी, फलों के कुंज ने मोहा मन

श्री प्रेमनिधि मंदिर में पवित्रा एकादशी पर सूखे मेवों की दिव्य पोशाक एवं फलों के कुंज के मध्य विराजमान ठाकुर श्री श्याम बिहारी जी महाराज।
नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में श्री पुरुषोत्तम मनोरथ महोत्सव के 26वें दिवस पवित्रा एकादशी (पुत्रदा एकादशी) का उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ठाकुर श्री श्याम बिहारी (श्री बड़े गोविन्द) जी महाराज का पवित्रारोपण कर विशेष श्रृंगार किया गया। ठाकुर जी को सूखे मेवों से निर्मित आकर्षक पोशाक धारण कराई गई तथा मंदिर में फलों के कुंज की भव्य सजावट की गई।
मुख्य सेवाधिकारी हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि पवित्रारोपण प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण और प्रेम-लक्षणा भक्ति का प्रतीक है। सेवायत सुनीत गोस्वामी ने पवित्रा एकादशी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उत्सव की मनोरथ सेवा राजेश गोयल द्वारा सम्पन्न कराई गई। आयोजन में संजीव चौबे, अमित शर्मा, वेद भारद्वाज, सरदार सिंह धाकड़, रानू पचौरी और राजेश धाकड़ ने सहयोग प्रदान किया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव में झूमे श्रद्धालु, गूंजा ‘नंद के आनंद भयो’

प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव के दौरान कथा अमृत का रसपान कराते भागवताचार्य पूज्य श्री चैतन्य हरिचरत महाराज।
प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव की उमंग में झूम उठे। भागवताचार्य पूज्य श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज ने गजेन्द्र मोक्ष, भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव का भावपूर्ण वर्णन किया। जन्मोत्सव प्रसंग के दौरान पूरा मंदिर परिसर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।
कथा में मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत सहित दैनिक यजमान मनोज बंसल और अशोक अग्रवाल ने व्यासपीठ का पूजन किया। कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल और महंत अनंत उपाध्याय ने बताया कि आगामी दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गिरिराज पूजन का वर्णन होगा। कथा में आरएन वर्मा, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, आदर्श नंदन, विनीत सिंघल, लक्ष्मण शर्मा, धर्मेंद्र गर्ग, मुकेश गोयल, पंकज शास्त्री, आयुष उपाध्याय सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।