आगरा के बरहन क्षेत्र में बच्चों के झगड़े ने लिया खूनी मोड़, लाठी-डंडों से किये गये हमले में एक ही परिवार के चार लोग घायल
आगरा। बच्चों के बीच खेल-खेल में शुरू हुआ मामूली विवाद सोमवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। बरहन थाना क्षेत्र के गढ़ी भंडार गांव में एक ही परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष द्वारा किये गये हमले में एक महिला, नौ वर्षीय बालक और बुजुर्ग समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए आगरा भेजा गया है। पीड़ित पक्ष ने थाना बरहन में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुबह बच्चों के विवाद के बाद भड़का मामला
जानकारी के अनुसार गढ़ी भंडार गांव में सोमवार सुबह बच्चों के बीच खेलते समय किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह विवाद परिवार के बड़े सदस्यों तक पहुंच गया और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान एक पक्ष ने गजेंद्र सिंह के परिवार पर हमला बोल दिया।
महिला, मासूम और बुजुर्ग को भी नहीं बख्शा
पीड़ित पक्ष के अनुसार हमलावरों ने गजेंद्र सिंह की पत्नी रजनी, उनके नौ वर्षीय पुत्र हिमांशु तथा पिता रामगोपाल के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। अचानक हुए हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
बताया गया कि शाम के समय गजेंद्र सिंह किसी कार्य से आगरा से वापस गांव लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
चारों घायलों को उपचार के लिए आगरा भेजा गया
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिलाया गया, जिसके बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आगरा रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों की निगरानी में चारों का उपचार जारी है।
थाने में तहरीर, पुलिस जांच में जुटी
पीड़ित पक्ष ने थाना बरहन में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि घायलों का चिकित्सीय परीक्षण और उपचार कराया जा रहा है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।