आगरा मंडल में सड़क हादसों पर मंडलायुक्त की सख्ती: हादसों में जनहानि पर लापरवाह चालकों के लाइसेंस निलंबन के निर्देश, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम गठित
आगरा। मंडल में लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निलंबित करने तथा सड़क किनारे भारी वाहन खड़े करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही इसको लेकर 10 दिन का विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में मंडलायुक्त द्वारा परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा हेलमेट, सीटबेल्ट, मोबाइल फोन, ईयरफोन का प्रयोग, गलत दिशा में वाहन संचालन, नशे की हालत में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और स्टंटिंग के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। आंकड़ों में सामने आया कि वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में फिरोजाबाद और मैनपुरी में हेलमेट, सीटबेल्ट और मोबाइल फोन के मामलों में चालान की संख्या लगभग 200 प्रतिशत बढ़ी है।
फिरोजाबाद में बढ़ते हादसों पर विशेष फोकस
चारों जनपदों की समीक्षा में पाया गया कि 2026 की पहली तिमाही में मैनपुरी, आगरा और मथुरा की स्थिति में सुधार हुआ है, जबकि फिरोजाबाद की रैंकिंग गिरी है। इस पर मंडलायुक्त ने फिरोजाबाद में सड़क सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
सड़क सुरक्षा मित्रों को किया गया प्रशिक्षित
जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सड़क सुरक्षा मित्र योजना के तहत आगरा में 13, फिरोजाबाद में 11, मैनपुरी में 9 और मथुरा में 12 मित्रों का चयन कर सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों में ‘क्रिटिकल कॉरिडोर टीम’ गठित
मंडलायुक्त के निर्देश पर आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा में जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लागू किया गया है। इसके तहत सर्वाधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों में ‘क्रिटिकल कॉरिडोर टीम’ गठित की गई है, जो अवैध कटान बंद कराने, ड्रंकन ड्राइविंग रोकने, ओवरस्पीडिंग की निगरानी बढ़ाने, रोड साइनेज सुधारने और रोड इंजीनियरिंग बेहतर करने का कार्य कर रही है।
सर्वे में यह भी सामने आया कि सड़क हादसों में सबसे अधिक जान गंवाने वाले पैदल यात्री और दोपहिया वाहन चालक हैं। इसके लिए तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी रोड सेफ्टी क्लब कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
3569 स्कूल वाहनों की जांच, कई स्कूलों पर कार्रवाई के निर्देश
जनवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक 3569 स्कूल वाहनों की जांच की जा चुकी है। समीक्षा में पाया गया कि कई स्कूलों ने अभी तक वाहनों की तकनीकी स्थिति से संबंधित शपथ पत्र पोर्टल पर अपडेट नहीं किए हैं। ऐसे स्कूलों के खिलाफ बीएसए और डीआईओएस को सूची भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
710 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित
पिछले दो महीनों में आगरा में 250, फिरोजाबाद में 98, मैनपुरी में 97 और मथुरा में 265- कुल 710 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। दुर्घटनाओं में जनहानि की स्थिति में लापरवाह चालकों के लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
7338 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, 18.46 करोड़ वसूली
मंडल में 7338 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर लगभग 18.46 करोड़ रुपये का प्रमशन शुल्क वसूला गया है। कई टोल प्लाजाओं से डाटा न मिलने पर सभी स्थानों पर वे-इन-मोशन ब्रिज स्थापित करने और ओवरलोड वाहनों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी मंडलायुक्त द्वारा दिए गए।
एंबुलेंस और ट्रॉमा रिस्पॉन्स की समीक्षा
मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं तथा ट्रॉमा सेंटर की स्थिति की समीक्षा करते हुए घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंचने की दर का सर्वे कराने के निर्देश दिए। यमुना एक्सप्रेसवे पर तैनात एंबुलेंस और पैरामेडिकल स्टाफ की पूरी जानकारी भी मांगी गई। साथ ही आगरा इनर रिंग रोड, करहल और नवीगंज टोल प्लाजा पर एंबुलेंस और क्रेन की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
220 ब्लैक स्पॉट चिन्हित, सुधार की कार्ययोजना तैयार
आगरा मंडल के चारों जनपदों में 220 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार के लिए अल्प और दीर्घकालिक कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
27 अप्रैल से 10 दिन का विशेष अभियान
एक्सप्रेसवे पर खड़े भारी वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 27 अप्रैल से 10 दिन का संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। इसमें परिवहन, पुलिस, जीएसटी, आबकारी और टोल प्लाजा की टीमें शामिल होंगी।
सड़क किनारे खड़े वाहनों, ओवरलोड ट्रकों, स्लीपर बसों में अवैध माल ढुलाई और ढाबों के संचालन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़क किनारे संचालित आबकारी दुकानों की भी जांच की जाएगी।