डीएम का सख्त एक्शन, नामांकन, पोषण और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर फटकार, जवाबदेही तय करने के निर्देश
आगरा में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बेसिक शिक्षा विभाग और जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठकों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। स्कूलों में कम नामांकन, आरटीई के तहत अधूरे प्रवेश, ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी, निपुण भारत मिशन की प्रगति और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कई अधिकारियों से जवाब तलब किया गया। गलत वजन दर्ज होने, प्रशिक्षण कार्यों में लापरवाही, रिक्त पदों पर भर्ती में देरी और योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन पर डीएम ने सख्त निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी को शो-कॉज नोटिस जारी करने और निलंबन की चेतावनी भी दी गई।
आगरा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। नगर क्षेत्र, बरौली अहीर और फतेहाबाद ब्लॉक में अपेक्षा से कम नामांकन मिलने पर उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) से जवाब तलब किया। डीएम ने निर्देश दिए कि आगामी दो दिनों के भीतर नामांकन की स्थिति में सुधार कर अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
ड्रॉपआउट बच्चों को स्कूल लौटाने पर जोर
बैठक में बताया गया कि जनपद में स्कूल छोड़ चुके 338 बच्चों की पहचान की गई है। जिलाधिकारी ने इनमें से 335 बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निपुण भारत मिशन के तहत सीखने के लक्ष्य हासिल करने के लिए एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) के अधिक से अधिक विद्यालय भ्रमण कराने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए। जिला एवं ब्लॉक स्तर पर खाली पदों को भरने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी बीईओ को विद्यालयों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक छात्र तक पाठ्य पुस्तकें पहुंच चुकी हों। मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय एवं मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के तहत चयनित स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आरटीई के तहत 1,359 बच्चों का प्रवेश अभी बाकी
बैठक में आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत लॉटरी से चयनित बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुल 8,112 बच्चों को विद्यालय आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 6,753 का प्रवेश पूरा हो चुका है। डीएम ने शेष बच्चों का शीघ्र प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी पात्र बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाए।
गलत वजन दर्ज होने पर डीएम नाराज
जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कुपोषण और बाल विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। पिछली बैठक में 23 बच्चों का वजन गलत दर्ज पाए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी बच्चों की रेंडम जांच कराने और दोषी कार्यकत्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
रिक्त 386 आंगनबाड़ी पदों पर जल्द भर्ती होगी
बैठक में बताया गया कि जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 386 पद रिक्त हैं। भर्ती प्रक्रिया शुरू न होने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों की संख्या और उनकी स्थिति में सुधार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्रों पर शत-प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीपीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। विभिन्न बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने विभागीय प्रमुख सचिव और निदेशक को अवगत कराने के निर्देश दिए।
निलंबन की चेतावनी
डीएम ने डीपीओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने तथा कार्य में सुधार न होने पर निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी भी दी। डीएम ने सीडीओ, डीपीओ और डीसी एनआरएलएम को संयुक्त रूप से पोषण वाटिकाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। वहीं लंबित आंगनबाड़ी भवनों और सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के आदेश भी दिए गए। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र महिलाओं का पंजीकरण कर लाभ दिलाने पर भी विशेष जोर दिया गया।