गुप्त नवरात्रि में नौ दिनों तक गूंजेगा 100 बार दुर्गा सप्तशती पाठ, 101 शिवलिंगों का होगा महारुद्राभिषेक

आगरा। विश्व शांति, राष्ट्र कल्याण और समस्त मानव समाज के मंगल की कामना के साथ आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर सूर्यसुता फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय सप्तचंडी पाठ महायज्ञ का शुभारंभ बुधवार को खंदारी हनुमान चौराहा स्थित नालंदा प्राइड में वैदिक मंत्रोच्चार, विधिवत पूजन और कलश स्थापना के साथ हुआ। नौ दिनों तक चलने वाले इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में विद्वान आचार्यों द्वारा दुर्गा सप्तशती का 100 बार संपुटित पाठ किया जाएगा तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से विश्व शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जनकल्याण की कामना की जाएगी।

Jul 15, 2026 - 19:17
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गुप्त नवरात्रि में नौ दिनों तक गूंजेगा 100 बार दुर्गा सप्तशती पाठ, 101 शिवलिंगों का होगा महारुद्राभिषेक
खंदारी हनुमान चौराहा स्थित नालंदा प्राइड में सूर्यसुता फाउंडेशन द्वारा आयोजित नौ दिवसीय सप्तचंडी पाठ महायज्ञ का विधिवत पूजन एवं कलश स्थापना के साथ शुभारंभ करते सचिव पुष्कल गुप्ता। साथ में योगी आलोक नाथ एवं विद्वान ब्राह्मण।

सूर्यसुता फाउंडेशन के सचिव पुष्कल गुप्ता ने बताया कि यह महायज्ञ बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आदेशानुसार तथा योगी आलोक नाथ के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नौ दिनों तक आचार्य अवनीश पांडे, सत्यम मिश्रा, मिथिलेश, भरत त्रिपाठी, प्रदीप चौबे, पवन त्रिपाठी, रंगम त्रिपाठी सहित आठ विद्वान ब्राह्मण दुर्गा सप्तशती का 100 बार संपुटित पाठ करेंगे।

योगी आलोक नाथ ने बताया कि महायज्ञ के अंतर्गत 20 जुलाई (सोमवार) को 101 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा तथा उनका महारुद्राभिषेक संपन्न होगा। इसके बाद 23 जुलाई को दुर्गा सप्तशती का दशांश महाहवन, पूर्णाहुति और प्रसाद वितरण के साथ नौ दिवसीय महायज्ञ का विधिवत समापन किया जाएगा।

कार्यक्रम में गुप्त नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि गुप्त नवरात्रि को दस महाविद्याओं की साधना का विशेष काल माना जाता है। इन नौ दिनों में मां काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी (पीतांबरा), मातंगी और कमला की साधना विशेष फलदायी मानी जाती है।

महायज्ञ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और मां भगवती की आराधना कर विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना की।

SP_Singh AURGURU Editor