आगरा के शमसाबाद क्षेत्र में करंट ने छीनी सोते पति-पत्नी की जिंदगी, दंपति के चार मासूम बच्चे हुए अनाथ
आगरा। रविवार की सुबह शमसाबाद क्षेत्र के कुतकपुर गांव में ऐसा हृदय विदारक दृश्य सामने आया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। रात को रोज की तरह अपने चार बच्चों के भविष्य के सपने लेकर सोए पति-पत्नी सुबह हमेशा के लिए खामोश हो चुके थे। एक मामूली सी विद्युत लापरवाही ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। करंट की चपेट में आने से दंपति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके चार मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए मां-बाप का साया उठ गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
हादसा शमसाबाद थाना क्षेत्र के कुतकपुर गांव का है। मृतकों की पहचान जगदीश (40) और उनकी पत्नी शशि के रूप में हुई है। दंपति गांव में परचून की छोटी दुकान चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। सीमित आमदनी के बावजूद दोनों अपने बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते थे।
बताया गया कि शनिवार रात दोनों अपने कमरे में सो रहे थे। गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर चल रहा था। इसी दौरान बिजली के बोर्ड से जुड़ा एक तार पास रखे लोहे के संदूक पर गिर गया। इससे संदूक और कमरे में करंट फैल गया। आशंका है कि रात में किसी समय दोनों करंट की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
रविवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को चिंता हुई। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा। दोनों बिस्तर पर अचेत पड़े थे। परिजन जैसे ही कमरे के अंदर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। जगदीश और शशि की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
इस दर्दनाक हादसे ने चार मासूम बच्चों की दुनिया उजाड़ दी। 13 वर्षीय मोना, 10 वर्षीय सोना, 9 वर्षीय सूर्यांश और 7 वर्षीय हेमंत अब एक साथ अनाथ हो गए हैं। कल शाम तक जिन बच्चों को मां की ममता और पिता का सहारा मिला हुआ था, कुछ ही घंटों बाद वही बच्चे अपने माता-पिता के शवों के पास बिलखते नजर आए। बच्चों की चीख-पुकार और परिजनों का विलाप देखकर गांव में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
ग्रामीणों के अनुसार जगदीश और शशि मेहनती और मिलनसार दंपति थे। परचून की दुकान से होने वाली मामूली आय से ही वे पूरे परिवार का खर्च चलाते थे। उन्होंने कभी किसी से शिकायत नहीं की और हमेशा अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने की कोशिश में लगे रहे। लेकिन एक रात के हादसे ने उनके सपनों के साथ पूरे परिवार की खुशियां भी छीन लीं।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जांच में करंट लगने से दोनों की मौत होना सामने आया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है तथा विद्युत हादसे के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।
कुतकपुर गांव में इस हादसे के बाद हर घर में शोक का माहौल है। गांव के लोग अब उन चार मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, जिनकी जिंदगी ने एक ही रात में ऐसा दर्द देख लिया, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।