50 करोड़ की साइबर ठगी का 'साम्राज्य' ध्वस्त, पुलिस की 100 ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक, 60 ठग गिरफ्तार

आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए 178 शिकायतों पर कार्रवाई की। एक साथ 100 स्थानों पर दबिश देकर 60 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी देश के 13 राज्यों में करीब 50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ 16 मुकदमे दर्ज किए हैं।

Jul 9, 2026 - 16:38
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50 करोड़ की साइबर ठगी का 'साम्राज्य' ध्वस्त, पुलिस की  100 ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक, 60 ठग गिरफ्तार
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार के साथ साइबर ठगों को पकड़ने वाले पुलिस टीम के सदस्य।

आगरा। आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए एक साथ 100 स्थानों पर छापेमारी की। इस व्यापक कार्रवाई में 60 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि ये आरोपी देश के 13 राज्यों में करीब 50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 16 अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि साइबर पुलिस को लगातार साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतें मिल रही थीं। कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में दर्ज 178 शिकायतों को चिन्हित कर उनका तकनीकी सत्यापन कराया गया। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद आगरा सर्विलांस टीम, एसओजी, साइबर पुलिस और सभी थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने एक साथ 100 स्थानों पर दबिश देकर अभियान चलाया।

पूछताछ में खुला 50 करोड़ की साइबर ठगी का राज

छापेमारी के दौरान 60 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी उत्तर प्रदेश सहित देश के 13 राज्यों में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। अब तक करीब 50 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है। खास बात यह रही कि गिरफ्तार सभी आरोपी आगरा के रहने वाले हैं और संगठित तरीके से साइबर अपराध कर रहे थे।

शादी का झांसा, ऑनलाइन गेम और फर्जी वेबसाइट से लगाते थे चूना

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाता था। आरोपी मेट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर शादी का झांसा देते थे। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग में कमाई का लालच, फर्जी बिजनेस वेबसाइट बनाकर निवेश और खरीदारी के नाम पर धोखाधड़ी, एटीएम एवं बैंकिंग फ्रॉड और फर्जी कॉल व मैसेज के जरिए लोगों से ओटीपी, बैंक डिटेल और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर खाते से रकम उड़ा लेते थे।

तकनीक के सहारे छिपाते थे पहचान

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी लगातार मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और बैंक खाते बदलते रहते थे, ताकि उनकी पहचान आसानी से न हो सके। साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन और पहचान छिपाई जाती थी।

पुलिस की अपील-सतर्क रहें, तभी बचेंगे

आगरा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक या वेबसाइट पर भरोसा न करें। ओटीपी, बैंक डिटेल, पासवर्ड और एटीएम कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। मेट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से आर्थिक लेनदेन से बचें। किसी भी संदिग्ध निवेश या ऑनलाइन भुगतान से पहले संबंधित वेबसाइट की सत्यता अवश्य जांच लें।

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने अथवा साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।