उद्यमियों ने जीएसटी सुधारों की उठाई आवाज, ‘उद्यमी संवाद’ में विभाग के सामने रखीं प्रमुख मांगें

लघु उद्योग भारती और एसजीएसटी के संयुक्त तत्वावधान में "उद्यमी संवाद कार्यक्रम" आयोजित हुआ। उद्यमियों ने जीएसटी से जुड़ी समस्याएं और सुधार संबंधी सुझाव विभाग के समक्ष रखे। टोल रिपोर्ट को ई-वे बिल पोर्टल से जोड़ने, कंप्लायंस रेटिंग लागू करने और भारी जुर्मानों में राहत की मांग उठी। अपील प्रक्रिया को सरल बनाने और 10 प्रतिशत प्री-डिपॉजिट कम करने का सुझाव दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान और सहयोगात्मक कार्यशैली का भरोसा दिलाया।

Jun 10, 2026 - 21:44
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उद्यमियों ने जीएसटी सुधारों की उठाई आवाज, ‘उद्यमी संवाद’ में विभाग के सामने रखीं प्रमुख मांगें
‘उद्यमी संवाद’ कार्यक्रम में बोलते वक्ता।

लघु उद्योग भारती और राज्य कर विभाग के संयुक्त कार्यक्रम में उद्योग जगत ने रखे सुझाव, अधिकारियों ने दिया समाधान का भरोसा

आगरा। लघु उद्योग भारती, आगरा एवं राज्य कर विभाग (एसजीएसटी), आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "उद्यमी संवाद कार्यक्रम" में उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े उद्यमियों, व्यापारियों और कर विशेषज्ञों ने जीएसटी व्यवस्था से संबंधित विभिन्न समस्याओं, सुझावों और सुधार प्रस्तावों पर विभागीय अधिकारियों के साथ खुलकर संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लेते हुए जीएसटी अनुपालन, कर निर्धारण, अपील प्रक्रिया और दंडात्मक प्रावधानों से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया।

कार्यक्रम के दौरान लघु उद्योग भारती, आगरा ने उद्योग जगत की ओर से जीएसटी संबंधी प्रमुख समस्याओं एवं सुधार सुझावों का एक विस्तृत प्रत्यावेदन राज्य कर विभाग को सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों और उद्योगों को अनावश्यक प्रक्रियात्मक जटिलताओं से राहत देने के लिए वर्षों पुरानी टोल रिपोर्टों की मांग समाप्त कर उन्हें सीधे ई-वे बिल पोर्टल से लिंक किया जाना चाहिए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनुपालन प्रक्रिया सरल होगी।

उन्होंने जीएसटी कंप्लायंस रेटिंग स्कोर प्रणाली को शीघ्र लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहन मिलेगा और बाजार में उनकी विश्वसनीयता मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने बकाया ब्याज एवं पेनाल्टी की वसूली से पहले उपलब्ध क्रेडिट लेजर से समायोजन की व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विजय गुप्ता ने कहा कि छोटी तकनीकी त्रुटियों या कम राशि के मामलों में लगाए जाने वाले भारी जुर्माने उद्योगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई को युक्तिसंगत बनाने तथा बकाया कर पर लागू 18 प्रतिशत ब्याज दर की समीक्षा कर उसे उद्योग हित में कम करने की मांग रखी।

उन्होंने अपीलीय प्राधिकरणों को पुनः रिमांड की शक्ति प्रदान करने और अपील दायर करने के लिए अनिवार्य 10 प्रतिशत प्री-डिपॉजिट की सीमा कम करने का भी सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को न्याय प्राप्त करने में आसानी होगी और अनावश्यक आर्थिक दबाव कम होगा।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पंकज गांधी, एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-1), राज्य कर विभाग, आगरा ने विभाग की सहयोगात्मक कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं का यथासंभव त्वरित और सकारात्मक समाधान किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग उद्यमियों और व्यापारियों के साथ समन्वय की भावना से कार्य करेगा तथा किसी भी प्रकार के अनावश्यक उत्पीड़न को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य अतिथि राकेश गर्ग, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम ने केंद्र और प्रदेश सरकार की उद्योग एवं व्यापार हितैषी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उद्योगों के विकास, निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा उद्योगों को प्रोत्साहन देने की है और सभी विभागों को उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने विभागीय स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे उद्यमियों की शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में सीए निखिल गुप्ता, सेल अध्यक्ष (जीएसटी), लघु उद्योग भारती, आगरा ने उद्यमियों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत और विभाग के बीच नियमित संवाद स्थापित होने से अधिकांश व्यावहारिक समस्याओं का समाधान संभव है तथा इससे कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकती है।

इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने उपस्थित उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए जीएसटी के विभिन्न प्रावधानों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा कई मामलों में तत्काल मार्गदर्शन भी प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में जिला महासचिव राजीव बंसल ने सभी अतिथियों, विभागीय अधिकारियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम उद्योगों और विभाग के बीच विश्वास, पारदर्शिता और बेहतर समन्वय को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी, कोषाध्यक्ष संजीव जैन, सीए नितेश गुप्ता, सीए आलोक अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, अरविंद शुक्ला, उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, शैलेश अग्रवाल, अनुज सिंघल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, व्यापारी, कर विशेषज्ञ एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।