फर्जी दरोगा बनकर जर्मनी भेजने के नाम पर लाखों की ठगी, फरीदपुर पुलिस ने दबोचा
बरेली। युवाओं को जर्मनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले फर्जी दरोगा को फरीदपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जितेंद्र सिंह खैरा, जो खुद को पुलिस उप-निरीक्षक बताकर भोले-भाले लोगों को झांसे में लेता था, पुलिस जैसी वर्दी, फर्जी आईडी, फ्लैशर-हूटर वाली गाड़ी और यूक्रेन की फर्जी नागरिकता का प्रमाण पत्र लेकर घूम रहा था।
फरीदपुर के क्षेत्राधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि लखीमपुर खीरी निवासी दलबीर सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जितेंद्र सिंह खैरा को धर दबोचा। उसके पास से फर्जी उप-निरीक्षक का पहचान पत्र, पुलिस नेम प्लेट, महिंद्रा एक्सयूवी-500 (UP14BQ-0004) और यूक्रेन की फर्जी नागरिकता से जुड़ी दस्तावेजी सामग्री बरामद हुई है।
ठगी, धमकी और फर्जीवाड़े का खेल
आरोप है कि आरोपी ने जुलाई 2024 में दलबीर सिंह व अन्य लोगों से 15-20 लाख रुपये वसूले। जब पीड़ितों ने पैसे और दस्तावेज वापस मांगे, तो आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें धमकाया और पैसा लौटाने से मना कर दिया।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह टैक्स चोरी और ठगी के इरादे से पुलिस की फर्जी पहचान का उपयोग करता था। आरोपी के खिलाफ 336(3)/340(2), 318(4)/316(2)/351(2)/351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में गुरलाल संधू, निवासी बठिंडा (पंजाब) वांछित है जिसकी तलाश की जा रही है।