मोहर्रम की नवीं पर इबादत और जियारत में डूबा फतेहपुर सीकरी, रात भर सजीं मजलिसें; जगह-जगह शरबत, दूध और जूस की प्याऊ
-महावीर सिंह वर्मा- फतेहपुर सीकरी। मोहर्रम की नवीं की रात फतेहपुर सीकरी कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी अकीदत, इबादत और जियारत के साथ मनाई गई। बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने रातभर इबादत कर हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन की याद में दुआएं मांगी। इमामबाड़ों में मजलिसों और सलाम का आयोजन हुआ, जबकि ताजियों की जियारत के लिए पूरी रात अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह शरबत, दूध, जूस और ठंडे पानी की प्याऊ लगाई गई तथा लंगर भी वितरित किया गया।
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के प्यारे नवासे हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जा रहे माहे मोहर्रम के तहत नवीं की रात धार्मिक आयोजनों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इमामबाड़ों में महफिल-ए-मजलिस का आयोजन किया गया, जहां सलाम पढ़े गए और नमाज अदा कर अल्लाह की इबादत की गई। अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
कस्बे और देहात क्षेत्र के इमामबाड़ों को आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और साउंड सिस्टम से आकर्षक ढंग से सजाया गया। ताजियों की जियारत के लिए पूरी रात लोगों की भीड़ उमड़ती रही। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में इमामबाड़ों पर पहुंचकर जियारत की और दुआएं मांगीं।
मोहर्रम की नवीं, जिसे आशूरा की पूर्व संध्या भी माना जाता है, पर जगह-जगह समाजसेवियों और अकीदतमंदों ने शरबत, दूध, जूस और ठंडे पानी की प्याऊ लगाकर राहगीरों और श्रद्धालुओं की सेवा की। कई स्थानों पर लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मोहर्रम की 10वीं तारीख को हजरत इमाम हुसैन की याद में बनाए गए सैकड़ों ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इसे लेकर क्षेत्र में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
मोहर्रम के जुलूसों और धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। वहीं नगर पालिका प्रशासन भी पेयजल, सफाई और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने में जुटा रहा।