पाक सेना पर खैबर प्रांत में भीषण हमला, 14 सुरक्षाकर्मियों की मौत, 24 घायल
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सेना की चौकी पर भीषण हमला हुआ है। इस हमले में कम से कम 14 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। यह इलाका टीटीपी आतंकियों का गढ़ है। इस हमले की अभी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के हिंसा ग्रस्त खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए एक भीषण हमले में कम से कम 14 सुरक्षाकर्तियों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि एक आत्मघाती बम हमलावर ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक सुरक्षा चौकी को उड़ा दिया जिसमें पाकिस्तानी सेना के जवान, पुलिसकर्मी और वन विभाग के एक अधिकारी मारे गए हैं। यह पूरा इलाका तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान आतंकियों का गढ़ है और अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। खैबर प्रांत में अक्सर टीटीपी के आतंकी हमले करते रहते हैं। यह पूरा इलाका पश्तून बहुल है जो खुद को तालिबान के काफी करीब मानते हैं।
चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक यह हमला टांक जिले में गुरुवार की रात को हुआ। उसने बताया कि आत्मघाती बम हमलावर एक गाड़ी को लेकर पहुंचा और उसे उड़ा दिया। इस गाड़ी के अंदर बहुत बड़ी मात्रा में बारुद भरा हुआ था। एक सूत्र ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि इस विस्फोट की वजह से बड़े पैमाने पर जान और माल का नुकसान पहुंचा है। मारे गए लोगों में 9 पाकिस्तानी सैनिक हैं और 4 पुलिसकर्मी बताए जा रहे हैं। कम से कम 24 सुरक्षाकर्मी बुरी तरह से घायल हैं।
इस हमले के घायलों में कम से कम 20 सैनिक हैं। सभी घायलों को पास के हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। हमले के बाद सुरक्षा चौकी जमींदोज हो गई। राहत और बचावकर्मी लगातार तलाशी और बचाव अभियान चला रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई पाकिस्तानी सैनिक अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकियों को मार गिराया है। अभी तक किसी भी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। मामले की जांच जारी है।
खैबर प्रांत के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने इस मांझी खेल पोस्ट पर हमले की कड़ी निंदा की है और इसकी जांच रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने इसके लिए कथित रूप से भारत समर्थित आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया। बता दें कि पाकिस्तानी सेना ने हाल के दिनों में अफगानिस्तान के अंदर टीटीपी के ठिकानों को उड़ाने का दावा किया है। वहीं तालिबान का दावा है कि पाकिस्तानी एयरफोर्स ने आम नागरिकों की हत्या की है। तालिबान और टीटीपी ने धमकी दी थी कि वे इसका पाकिस्तानी सेना से बदला लेंगे।