आगरा में पुरुषोत्तम मास की अंतिम सनातन भक्ति संगीत संध्या, कलाकारों ने भजनों और नृत्य से किया भावविभोर

आगरा। पवित्र पुरुषोत्तम अधिक मास के समापन अवसर पर सिकंदरा स्थित श्री हरिकृष्ण वृद्ध जन सम्मान भवन में आयोजित अंतिम "सनातन भक्ति संगीत संध्या" श्रद्धा, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम बन गई। रेस्पेक्ट एज इंटरनेशनल (अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन सम्मान समिति) एवं सुभारत संगीत निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भजन, शास्त्रीय संगीत, बांसुरी वादन, काव्य पाठ और मनोहारी नृत्य प्रस्तुतियों ने ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि पूरा सभागार भक्ति रस में सराबोर हो उठा।

Jun 16, 2026 - 18:37
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आगरा में पुरुषोत्तम मास की अंतिम सनातन भक्ति संगीत संध्या, कलाकारों ने भजनों और नृत्य से किया भावविभोर
श्री हरिकृष्ण वृद्ध जन सम्मान भवन में आयोजित पुरुषोत्तम मास की अंतिम सनातन भक्ति संगीत संध्या में प्रस्तुति देते कलाकार।

संगीत संध्या में प्रस्तुतियां देने वाले कलाकार प्रमाण पत्रों के साथ। साथ हैं अतिथिगण।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं समाजसेवी हरिकृष्ण गुप्ता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर निदेशकद्वय दीपक प्रहलाद एवं मंजू गुप्ता, ज्योति अग्रवाल, देवाशीष चटर्जी, रत्ना चटर्जी, विशिष्ट अतिथि सुभाष बासु, वृद्धजन सम्मान समिति के सह संस्थापक डॉ. गिरीश सी. गुप्ता, पं. देवाशीष गांगुली, मीता गांगुली तथा स्वाति जैन गुप्ता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

गौरांग महाप्रभु अष्टक ने बहाई भक्ति की धारा

संगीत संध्या का मुख्य आकर्षण भजन गायक एवं संगीत गुरु पंडित देवाशीष गांगुली द्वारा प्रस्तुत गौरांग महाप्रभु अष्टक एवं राधा शिक्षा अष्टक रहा। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति कराई। इस दौरान डॉ. गिरीश सी. गुप्ता ने गौरांग श्री चैतन्य महाप्रभु के जीवन तथा राधा-कृष्ण भक्ति पर प्रेरक उद्बोधन देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

भजन, बांसुरी और नृत्य ने मोहा मन

कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक सरस्वती मंत्र गायन से हुआ। प्रियांशु कृष्ण के मधुर बांसुरी वादन एवं मंगल ध्वनि ने आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक प्रभावी बना दिया। सुभारत संगीत निकेतन की छात्रा समृद्धि सिंह ने "रामा रामा रटते रटते" भजन प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। कवि प्रभुदत्त उपाध्याय ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

प्रतीक्षा जैन, रागिनी जैन, चित्रा गोयल, वैभव शर्मा, भव्यांश, शांभवी ठाकुर और उत्कर्ष तिवारी ने शिव वंदना एवं एकल गायन प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। एत्मादपुर की कीर्ति कुमारी ने ऊर्जावान तांडव नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

भक्ति गीतों की मधुर स्वर लहरियों से गूंजा सभागार

महिमा सत्संगी और अरमा कुमारी ने "सांचा साहब एक तू" भजन प्रस्तुत कर श्रद्धा का भाव जगाया। आदित्य सिंह राणा ने ब्रह्मकुमारी भजन "जागो" प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंजू गुप्ता ने भी मधुर भजन प्रस्तुत किया। निशा गोस्वामी ने "वृंदावन के बांके बिहारी" तथा निखिल कुलश्रेष्ठ एवं प्रशांत परिहार ने "जो प्रेम गली में आए हैं" भजन गाकर खूब तालियां बटोरीं। पूजा अग्रहरि ने भजन एवं नृत्य की संयुक्त प्रस्तुति दी, जबकि महेंद्र पाल सिंह ने "कान्हा मोरे मन" सहित अनेक भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कलाकारों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम का कुशल संचालन झील गौतम ने किया। संगीत निर्देशन पंडित देवाशीष गांगुली 'संगीतेश' का रहा। तबले पर प्रशांत अदक तथा ढोलक पर राजू पाण्डेय ने प्रभावी संगत दी। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं सहयोगियों को सम्मान पत्र तथा सभी कलाकार प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम के समापन पर वृद्धजन सम्मान समिति के सह संस्थापक एवं सेवा प्रमुख डॉ. गिरीश सी. गुप्ता ने सभी अतिथियों, कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor