वित्त मंत्री ने पेश किया इकनॉमिक सर्वे, रॉकेट की गति से दौड़ेगी अर्थव्यवस्था, जीडीपी 7,2 फीसदी केे दायरे में रहेगी

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। इसमें बताया गया है कि साल 2026 में देश की अर्थव्यवस्था रॉकेट जैसी रफ्तार से दौड़ेगी। यह बजट से ठीक पहले आने वाला एक खास दस्तावेज है। इसमें देश की आर्थिक तरक्की का लेखा-जोखा होता है। साथ ही यह अर्थव्यवस्था के आने वाले समय के बारे में भी बताता है।

Jan 29, 2026 - 13:50
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वित्त मंत्री ने पेश किया इकनॉमिक सर्वे, रॉकेट की गति से दौड़ेगी अर्थव्यवस्था, जीडीपी 7,2 फीसदी केे दायरे में रहेगी

वित्त मंत्री 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। यह उनका नौवां बजट होगा। मंगलवार को हलवा सेरेमनी के साथ ही बजट को अंतिम रूप देने का काम शुरू हो चुका है। गुरुवार को आर्थिक सर्वेक्षण से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में भाषण दिया। उन्होंने कहा कि भारत और ईयू के बीच हुई ट्रेड डील एक बड़ा कदम है।

 देश की अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ेगी

संसद में पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज होने वाली है। साल 2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था 6.8% से 7.2% तक बढ़ सकती है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4% की दर से बढ़ेगी, जो उम्मीद से बेहतर है। 2025 में यह 6.5% बढ़ी थी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। यह सरकार की अर्थव्यवस्था पर पहली आधिकारिक राय बताता है। आमतौर पर बजट की नींव माने जाने वाले इस सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति, सरकार की नीतियों और उन जोखिमों के बारे में बताया जाता है, जो सरकार के वित्तीय फैसलों को प्रभावित करते हैं।


संसद पटल पर रखे गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में पिछले एक साल के दौरान सरकार के कामकाज, देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार और उसके सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों का विस्तृत आकलन किया गया है। आर्थिक वृद्धि के अनुमान में हाल के वर्षों में किए गए नीतिगत सुधारों के प्रभाव को ध्यान में रखा गया है. इससे अर्थव्यवस्था की मध्यम अवधि की वृद्धि क्षमता सात प्रतिशत के करीब पहुँच गई है। इसमें कहा गया है कि घरेलू कारकों की प्रमुख भूमिका और वृहद आर्थिक स्थिरता के मजबूत होने के कारण, वृद्धि से जुड़े जोखिमों को लेकर स्थिति मोटे तौर पर संतुलित बनी हुई है।

जीडीपी 7.2 प्रतिशत के दायरे में रहेगी

सर्वेक्षण में अनुमान जताया गया कि वित्त वर्ष 2027 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के दायरे में बनी रह सकती है, जो मजबूत आर्थिक बुनियाद और स्थिर विकास की ओर इशारा करती है।

यह आर्थिक सर्वेक्षण ऐसे समय पर पेश किया गया है, जब जल्द ही केंद्रीय बजट पेश किया जाना है और सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए अहम नीतिगत फैसलों की घोषणा करने वाली है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच चुनौतियों का सामना कर रही अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में यह सर्वे सरकार के लिए न केवल मौजूदा हालात का आकलन करता है बल्कि सूक्ष्म आर्थिक प्रबंधन और नीतिगत प्राथमिकताओं की दिशा भी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

नियंत्रण में रहेगी महंगाई

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि सप्लाई की स्थिति में सुधार और जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के धीरे-धीरे दिखने वाले असर के चलते आने वाले वर्ष में भी महंगाई के नियंत्रण में रहने की संभावना है। सरकार का आकलन है कि इन कारकों से कीमतों पर दबाव सीमित रहेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी।

इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर की प्रगति तेज होगी
 
सर्वेक्षण में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की तेज़ प्रगति को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र वित्त वर्ष 22 में जहां भारत की सातवीं सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी था। वहीं वर्ष 25 तक यह तीसरी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली निर्यात कैटेगरी बन गया है। वर्ष 26 की पहली छमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 22.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिससे यह सेक्टर जल्द ही भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बनने की ओर अग्रसर है।

रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में यह उछाल घरेलू उत्पादन और निर्यात में तेज़ बढ़ोतरी की वजह से आया है, जिसकी अगुवाई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग ने की है। मोबाइल फोन का उत्पादन मूल्य वर्छ 15 में करीब 18,000 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 25 तक बढ़कर 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह लगभग 30 गुना की बढ़ोतरी है, जो भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ पहल की मजबूती को दर्शाती है।

आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन आर्थिक सर्वेक्षण (इकनॉमिक सर्वे) 2025-26 पेश होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ ही देर में संसद में इकनॉमिक सर्वे पेश करेंगी।

गुरुवार को इकनॉमिक सर्वे से पहले शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट आई। सेंसेक्स सुबह के कारोबार के दौरान 600 अंकों से ज्यादा गिर गया और दिन के सबसे निचले स्तर 81,707 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 150 अंकों से ज्यादा गिरकर 25,200 के स्तर से नीचे चला गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट 2026 इस सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट है। उन्होंने बजट सत्र 2026 के दौरान कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, और दूसरी तिमाही की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि साल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 साल का चरण शुरू हो रहा है। यह इस सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट है।

गुरुवार को इकनॉमिक सर्वे से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में अपनी बात रखी। उन्होंने भारत और ईयू के बीच हुई डील को बड़ा कदम बताया। पीएम मोदी ने परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की भी बात की। साथ ही उन्होंने टेक्नोलॉजी के बढ़ावे पर जोर देने की भी बात कही।