आगरा के यमुना किनारे स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में 14 दिन बाद नवयौवन स्वरूप में हुए प्रभु के प्रथम दर्शन
आगरा। यमुना किनारे स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर मंगलवार को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बन गया। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और जय जगन्नाथ के गगनभेदी जयघोष के बीच भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के नवयौवन दर्शन एवं नयन उत्सव का शुभारंभ महा हवन के साथ हुआ। हवन की पूर्णाहुति के बाद जैसे ही भगवान के कपाट खुले, श्रद्धालु दिव्य दर्शन कर भावविभोर हो उठे और मंदिर परिसर पूरे दिन भक्ति रस में डूबा रहा।
यमुना किनारा, बेलनगंज स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ जी महाराज मंदिर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत वैदिक विधि-विधान से महा हवन के साथ हुई। आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने महामंत्रों का सामूहिक उच्चारण करते हुए पूर्णाहुति अर्पित की और विश्व शांति, सुख-समृद्धि तथा मानव कल्याण की कामना की।
हवन के उपरांत भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के नवयौवन स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। लंबे इंतजार के बाद प्रभु के प्रथम दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर के सेवायत पंडित लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि स्नान यात्रा के बाद भगवान कुछ दिनों तक अनवसर (एकांत विश्राम) में विराजमान रहते हैं।
मंदिर की मुखिया सरिता शर्मा ने श्रद्धालुओं से आगामी 16 जुलाई (गुरुवार) को आयोजित होने वाली भगवान श्रीजगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा के दर्शन सायं 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होंगे, जबकि महाप्रसादी का वितरण सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जाएगा।