फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 का आगाज: आगरा में कल से सेहत, स्वाद और उद्योग का संगम
व्यवसाय को ब्रांड में बदलने और खेत से ग्लोबल मार्केट तक की यात्रा को एक मंच पर समेटे फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 का आगरा में आगाज हो चुका है। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस राज्यस्तरीय पहले फूड एक्सपो में न केवल खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े 100 से अधिक स्टॉल्स, बल्कि 10 से ज्यादा सत्रों के माध्यम से राष्ट्रीय विशेषज्ञों की मौजूदगी में उद्योग, स्वास्थ्य, पोषण, निर्यात और पर्यावरण पर संवाद होगा। उद्घाटन से पूर्व स्मारिका विमोचन और ‘स्वस्थ जीवन, उद्योग के साथ’ विषय पर संवाद ने एक्सपो की दिशा स्पष्ट कर दी कि अब स्मार्ट बिजनेस, न्यूट्रीशन फोकस, टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन, सस्टेनेबिलिटी और एक्सपोर्ट ड्रिवन फूड इंडस्ट्री ही भविष्य है।
Top of Form− फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 स्मारिका विमोचन एवं स्वस्थ जीवन, उद्योग के साथ संवाद कार्यक्रम में पोषण और स्वास्थ्य पर हुई चर्चा
− प्रदेश के पहले फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव का आगाज, कल होगा विधिवत उद्घाटन, सजेगी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित जेपी पैलेस होटल एंड कन्वेंशन सेंटर में शनिवार से तीन दिवसीय फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 की शुरुआत हो गई। यह राज्य का पहला ऐसा आयोजन है जो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, स्वास्थ्य, पोषण, तकनीकी नवाचार और निर्यात पर केंद्रित है। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है, जिसके प्रबंधन की जिम्मेदारी रावी इवेंट निभा रही है।
स्मारिका विमोचन और संवाद सत्र
आयोजन से पूर्व संध्या पर ‘स्वस्थ जीवन, उद्योग के साथ’ विषय पर संवाद सत्र हुआ। इस अवसर पर डॉ. रेणुका डंग और डॉ. रचना अग्रवाल ने प्रमुख वक्ता के रूप में उद्यमियों को संतुलित आहार और जीवनशैली संबंधी सलाह दी।
डॉ. डंग ने कहा कि पेट और दिमाग की मित्रता ही स्वास्थ्य की कुंजी है। उन्होंने योग, फाइबर युक्त भोजन और सात्विक आहार को अपनाने पर जोर दिया।
वहीं, डॉ. रचना अग्रवाल ने फलों, नींबू पानी और गोंद कतीरा जैसे पारंपरिक खाद्य विकल्पों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए स्मूदी और ओट्स जैसे आधुनिक प्रॉडक्ट्स से बचने की सलाह दी।
इस सत्र से पहले फूड एक्सपो की स्मारिका का विमोचन चैंबर ऒफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के संरक्षक राजेश अग्रवाल, राजेश गोयल, अध्यक्ष राजकुमार भगत, महासचिव अनुज सिंघल, उपाध्यक्ष नितिन गोयल, विकास चतुर्वेदी, रावी इवेंट के मनीष अग्रवाल रावी, कुमार कृष्ण गोयल, विवेक अग्रवाल, शैलेश अग्रवाल, तरुण अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्रुति सिन्हा द्वारा किया गया। स्मारिका का संपादन वरिष्ठ पत्रकार तनु गुप्ता ने किया है, जिसमें केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के शुभकामना संदेश शामिल हैं।
कल होगा औपचारिक उद्घाटन
चैंबर अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि रविवार 22 जून को सुबह 11 बजे केंद्र राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल एवं राकेश गर्ग (राज्य मंत्री दर्जा) फूड एक्सपो का विधिवत उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद खाद्य सुरक्षा पर केंद्र और राज्य एफएसएसएआई विभाग की सहभागिता में संवाद होगा, जिसमें विशेष सचिव रेखा एस. चौहान मुख्य वक्ता होंगी। इस सत्र में फूड ग्रेड कलर के प्रयोग और उनसे जुड़ी सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
23 जून को टेक्नोलॉजी और निर्यात पर चर्चा
23 जून को भानु प्रकाश राम (डायरेक्टर, हार्टिकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग), कौशल कुमार नीरज (डिप्टी डायरेक्टर, आलू), कोल्ड चेन और वेयरहाउसिंग के ट्रेंड्स और चुनौतियों पर बात करेंगे।
इसके बाद सीएफटीआरआई मैसूर की वैज्ञानिक डॉ. खुशबू शर्मा और डॉ. विजयलक्ष्मी एस फूड टेक्नोलॉजी पर गहन जानकारी साझा करेंगी।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुमित सक्सेना छोटे उद्यमियों को आईपीओ की प्रक्रिया से अवगत कराएंगे। इसके साथ ही आईएफसीआई के डीजीएम राहुल अग्रवाल और प्रियंका चतुर्वेदी, तथा ब्रांड डेवलपमेंट पर मनोज शर्मा और सीएस अनुज अशोक अपनी प्रस्तुति देंगे।
24 जून को समापन: पर्यावरण और नीति पर मंथन
आयोजन के अंतिम दिन निर्यात प्रोत्साहन, जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट उत्पादन, और सस्टेनेबिलिटी पर जोर रहेगा। यूपीएमआईसी द्वारा आरएएमपी और जेडईडी सर्टिफिकेशन पर कार्यशाला होगी। आयुषी भारद्वाज, ईएसजी विशेषज्ञ, कार्बन न्यूट्रलाइजेशन और सस्टेनेबल एप्रोच पर चर्चा करेंगी। समापन सत्र में एमएसएमई मंत्रालय, डीआईसी, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग और राष्ट्रीय बैंक प्रतिनिधि सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और वित्तीय सहयोग की जानकारी साझा करेंगे।
इस तीन दिवसीय एक्सपो में 7000 से अधिक आगंतुकों के आने की संभावना है, जो फूड इंडस्ट्री के भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।