पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह बनाएंगे नई पार्टी, कर दिया ऐलान, निलंबित होने पर छोड़ी थी भाजपा
पिछले साल नवंबर में बीजेपी से निलंबित किए जाने के बाद आरके सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी। साल 2014 में वो बीजेपी में शामिल हुए थे और केंद्र सरकार में मंत्री भी बने थे।
पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह अब अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे। पूर्व नौकरशाह से राजनेता बने आर के सिंह ने बीजेपी से नाता तोड़ने के करीब पांच महीने बाद अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की योजना बनाई है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उनकी प्रस्तावित पार्टी ईमानदार, शिक्षित और जाति-निरपेक्ष व्यक्तियों को एक साथ लाएगी। सिंह ने ये भी स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी बिहार की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेगी।
आरके सिंह केंद्रीय गृह सचिव के पद तक पहुंचे और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे। नौकरी से रिटायर होने के बाद 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे। पिछले साल नवंबर में निलंबित किए जाने के बाद पार्टी छोड़ दी थी।
आरा से पूर्व लोकसभा सांसद ने कहा कि उन्हें कुछ मुद्दों पर खुलकर बोलने की प्रवृत्ति के कारण निलंबित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। डायनामाइट न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, ''बीजेपी ने मुझे इसलिए निलंबित कर दिया था क्योंकि मैं खुलकर बोलता था लेकिन यह पहली बार नहीं था जब मैंने खुलकर बोला। मैं सांसद रहते हुए भी बोलता था।''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि उनके बेबाक विचारों के बावजूद उन्हें केंद्र सरकार में बने रहने दिया गया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे खुलकर बोलने के बावजूद मुझे सात साल तक ऊर्जा मंत्री बनाए रखा, जो एक बड़ी बात थी। मंत्री रहने के दौरान मेरे मंत्रालय में प्रधानमंत्री कार्यालय का कोई हस्तक्षेप नहीं था और पूरी छूट दी गई थी। मैं बीजेपी से अपने निलंबन को सजा नहीं मानता हूं।''
उन्होंने जेडीयू नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में भी बात की और उनके दूसरे कार्यकाल की आलोचना की। उन्होंने कहा, "उनका पहला कार्यकाल ठीक था, लेकिन दूसरे कार्यकाल में 99 प्रतिशत मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त थे। आप स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त न हों, लेकिन अगर आपके आसपास के लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो यह शर्म की बात है।''
उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी सवाल उठाए और नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने कहा, ''सम्राट चौधरी की छवि पहले से ही अच्छी नहीं है. जो व्यक्ति ईमानदार नहीं है, जिसका चरित्र अच्छा नहीं है, जो कम पढ़ा-लिखा है, उसके क्या विचार होंगे और वह क्या कर सकता है?'' बता दें कि सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है।