चार साल का प्यार आखिर पहुंचा मंजिल तक, परिवार नहीं माने तो समाज बना सहारा
आगरा के शमसाबाद क्षेत्र में एक सामाजिक संगठन की पहल से चार वर्षों से प्रेम संबंध में रहे युवक-युवती का विवाह संपन्न कराया गया। परिवार शुरुआत में शादी के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन समाज के बुजुर्गों और संगठन के प्रयासों से दोनों पक्ष राजी हो गए। इसके बाद प्राचीन दाऊजी मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों ने सात फेरे लिए।
मंदिर में सात फेरों के साथ एक हुए प्रेमी युगल
आगरा। चार साल से एक-दूसरे का साथ निभाने का सपना देख रहे प्रेमी युगल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। परिवारों की नाराजगी और सामाजिक असहमति के बीच अटकी यह प्रेम कहानी उस समय सुखद मोड़ पर पहुंच गई, जब एक सामाजिक संगठन की पहल पर दोनों का विवाह पूरे वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराया गया।
शमसाबाद थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन दाऊजी मंदिर में आयोजित विवाह समारोह में प्रेमी जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और हमेशा साथ निभाने का संकल्प लिया। विवाह के दौरान मौजूद लोगों ने नवदंपति को आशीर्वाद देकर उनके नए जीवन की शुरुआत की शुभकामनाएं दीं।
चार वर्षों से था प्रेम संबंध
जानकारी के अनुसार, थाना किरावली क्षेत्र की एक युवती और थाना इरादतनगर क्षेत्र के एक युवक के बीच पिछले चार वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक ही समाज से थे और उनके परिवारों को भी इस रिश्ते की जानकारी थी। इसके बावजूद विभिन्न कारणों से परिजन विवाह के लिए सहमत नहीं हो रहे थे। परिवारों की असहमति के चलते दोनों मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। बताया गया कि वे निराशा में कोई आत्मघाती कदम उठाने तक का विचार कर रहे थे।
संगठन ने संभाली जिम्मेदारी
मामले की जानकारी कुशवाह समाज द्वारा संचालित एक सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों तक पहुंची तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। संगठन के प्रतिनिधियों ने दोनों परिवारों से अलग-अलग मुलाकात की और कई दौर की बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। समाज के वरिष्ठ लोगों और पदाधिकारियों की पहल रंग लाई और आखिरकार दोनों परिवार विवाह के लिए राजी हो गए। इसके बाद बिना किसी विवाद के शादी की तैयारियां शुरू की गईं।
मंदिर में वैदिक रीति से हुआ विवाह
मंगलवार शाम प्राचीन दाऊजी मंदिर में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। मंत्रोच्चार और वैदिक विधि के बीच प्रेमी युगल ने सात फेरे लिए और जीवनभर साथ रहने का वचन दिया।
'युवाओं को भटकने से बचाना हमारा उद्देश्य'
सती माता मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रिंस कुशवाह ने बताया कि संगठन समाज को संगठित करने, पारिवारिक विवादों को संवाद के जरिए सुलझाने और सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य युवाओं को गलत कदम उठाने से बचाना और परिवारों के बीच संवाद स्थापित कर रिश्तों को मजबूत बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी संगठन की पहल पर एक अन्य प्रेमी युगल का विवाह कराया जा चुका है।
समाज के लोगों ने दिया आशीर्वाद
विवाह समारोह में समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें प्रधान ग्याप्रसाद कुशवाह, डॉ. वेद प्रकाश कुशवाह, छोटू कुशवाह, संजू, रामकेश कुशवाह, बेताल सिंह, दिनेश कुशवाह और राहुल कुशवाह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नवदंपति को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।