शादी का अनुदान पाने की होड़ में खुला फर्जीवाड़ा, कई ‘दुल्हनें’ निकलीं पहले से शादीशुदा

आगरा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आए 3600 आवेदनों की जांच में 1240 आवेदन फर्जी या अपात्र पाए गए। सत्यापन के दौरान कई महिलाएं पहले से विवाहित निकलीं, जिन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। प्रशासन ने सभी अपात्र आवेदन निरस्त कर दिए हैं। अब पात्र वधुओं के खातों में 64 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे, जबकि पायल-बिछुआ की राशि भी नकद दी जाएगी। योजना के तहत कुल एक लाख रुपये का लाभ निर्धारित है।

Jun 21, 2026 - 02:21
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शादी का अनुदान पाने की होड़ में खुला फर्जीवाड़ा, कई ‘दुल्हनें’ निकलीं पहले से शादीशुदा

3600 आवेदनों की जांच में चौंकाने वाला सच, 1240 दावेदार निकले अपात्र

आगरा। गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आगरा में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रशासन द्वारा किए गए गहन सत्यापन में बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन सामने आए हैं, जिनमें लाभ पाने के लिए गलत जानकारी दी गई थी। जांच के दौरान 1240 आवेदनों को अपात्र घोषित कर खारिज कर दिया गया, क्योंकि आवेदक महिलाओं में कई पहले से ही विवाहित पाई गईं।

इस बार जिले को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 950 विवाह कराने का लक्ष्य मिला था, लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए अपेक्षा से कहीं अधिक करीब 3600 आवेदन प्राप्त हुए। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद प्रशासन ने सभी दस्तावेजों और आवेदकों का विस्तृत सत्यापन कराया।

जांच आगे बढ़ी तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अधिकारियों को ऐसे मामले मिले, जिनमें महिलाएं पहले से शादीशुदा थीं, लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं को अविवाहित बताकर आवेदन कर दिया था। कुछ मामलों में दस्तावेजों में भी विसंगतियां मिलीं। सत्यापन टीम ने जब रिकॉर्ड और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई तो फर्जी दावों की परतें खुलती चली गईं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों को ही दिया जाएगा। इसी कारण सभी संदिग्ध और अपात्र आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी सख्त जांच जारी रहेगी।

लाभार्थियों को सीधे खाते में मिलेगी राशि

इस बार योजना के संचालन में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पात्र वधुओं के बैंक खातों में सीधे 64 हजार रुपये भेजे जाएंगे। इसके अलावा पहले पायल और बिछुआ वस्तु के रूप में दिए जाते थे, लेकिन अब उनकी राशि भी नकद रूप में लाभार्थी को उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े को कुल एक लाख रुपये का लाभ प्रदान किया जाता है। इसमें विवाह आयोजन, गृहस्थी की सामग्री और वधु को आर्थिक सहायता शामिल होती है। प्रशासन का दावा है कि पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है।

यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि सरकारी योजनाओं में गलत तरीके से लाभ लेने की कोशिशें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड और सघन जांच के चलते ऐसे मामलों का खुलासा भी तेजी से हो रहा है।