सीबीआई के डिजिटल जाल में फंसा ठगी का मास्टर माइंड, कृषि भवन का अफसर बनकर करता था ठगी
आगरा के डौकी क्षेत्र से सीबीआई ने खुद को कृषि भवन का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोन मंजूर कराने और सरकारी कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों से कमीशन वसूलता था। वह फर्जी क्यूआर कोड के जरिए रकम अपने खातों में मंगाता था। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने डिजिटल ट्रैप बिछाकर उसे रंगे हाथ पकड़ा। अब एजेंसी पूरे नेटवर्क और उसके साथियों की तलाश में जुटी है।
आगरा। आगरा के डौकी क्षेत्र से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कृषि भवन का सरकारी अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। आरोपी सरकारी योजनाओं और लोन स्वीकृति का झांसा देकर लोगों से कमीशन के नाम पर रकम वसूलता था। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया।
लोन मंजूर कराने के नाम पर करता था अवैध वसूली
सीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को फोन कर खुद को कृषि भवन का अधिकारी बताता था। वह सरकारी योजनाओं और विभिन्न प्रकार के ऋण जल्द मंजूर कराने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम की मांग करता था। आरोपी पहले लोगों का विश्वास जीतता और फिर प्रक्रिया पूरी कराने तथा फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर कमीशन मांगता था। इतना ही नहीं, वह सरकारी कार्रवाई और जांच का डर दिखाकर भी लोगों से अवैध वसूली करता था।
फर्जी क्यूआर कोड से खातों में मंगाता था पैसा
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने ठगी के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया था। वह पीड़ितों को फर्जी क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराने के लिए कहता था। जैसे ही लोग रकम ट्रांसफर करते, पैसा सीधे आरोपी और उसके सहयोगियों के खातों में पहुंच जाता था। सीबीआई को जांच के दौरान आरोपी के इस्तेमाल में आने वाले कई मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। एजेंसी इन खातों के लेनदेन और कॉल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल कर रही है।
शिकायत के बाद सीबीआई ने बिछाया डिजिटल जाल
मामले की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने आरोपी तक पहुंचने के लिए डिजिटल ट्रैप की योजना बनाई। तकनीकी निगरानी और साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी ने जाल बिछाया, जिसमें आरोपी फंस गया। सीबीआई की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे आगरा के डौकी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उससे जुड़े दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है।
ठगी के बड़े नेटवर्क की जांच में जुटी सीबीआई
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी अकेले काम नहीं कर रहा था, बल्कि उसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया गया है। एजेंसी बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जांच एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर फोन या संदेश आने पर उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन करने या बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करने से पहले संबंधित विभाग से पुष्टि करना जरूरी है।