20 करोड़ गबन से लेकर स्कॉलरशिप में यौन शोषण तक – चैतन्यानंद का ‘पाखंड साम्राज्य’ ध्वस्त
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस व्दारा रविवार तड़के गिरफ्तार साउथ दिल्ली स्थित एक प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी के पास से पुलिस ने फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। एक कार्ड में वह खुद को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) का स्थायी राजदूत जबकि दूसरे पर खुद को BRICS में भारत का विशेष दूत और आयोग का सदस्य लिखा हुआ है।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस व्दारा रविवार तड़के गिरफ्तार साउथ दिल्ली स्थित एक प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी के पास से पुलिस ने फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। एक कार्ड में वह खुद को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) का स्थायी राजदूत जबकि दूसरे पर खुद को BRICS में भारत का विशेष दूत और आयोग का सदस्य लिखा हुआ है।
फर्जी पहचान और ऐशो-आराम की डिमांड
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को पीएमओ से जुड़ा बताकर होटल्स में पायलट, एस्कॉर्ट कार और आलीशान सुविधाएँ मांगता था। बीते दो महीनों में वह मथुरा, आगरा और वृंदावन में लगातार ठिकाने बदलता रहा और लगभग 13 होटलों में ठहरा।
बाथरूम में लगा रखे थे cctv
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली ले जाए गए आरोपी को पटियाला हाउस कोर्ट ने पाँच दिन की पुलिस हिरासत में दे दिया है। प्रोसिक्यूशन ने कोर्ट में दावा किया था कि आरोपी ने कई लोगों को धमकाया और उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए, जिनमें से कुछ बाथरूम में भी थे। करीब 16 लड़कियों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
20 करोड़ गबन और स्कॉलरशिप घोटाला
पुलिस ने बताया कि चैतन्यानंद पर पहले से ही 20 करोड़ रुपये के गबन का मामला दर्ज है। वसंत कुंज थाने में संस्थान के एडमिनिस्ट्रेटर ने 4 अगस्त को शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि वह ईडब्ल्यूएस स्कॉलरशिप के तहत पीजीडीएम कोर्स करने वाली छात्राओं का यौन उत्पीड़न करता था।
आरोपी की दलीलें और पीड़ित पक्ष का विरोध
कोर्ट में आरोपी के वकील ने दलील दी थी कि पुलिस ने पहले ही उसका फोन, आईपैड और सामान जब्त कर लिया है और वह डायबिटीज़ व एंग्जायटी से पीड़ित है। उन्होंने पुलिस हिरासत का विरोध करते हुए न्यायिक हिरासत की मांग की थी । दूसरी ओर, शिकायतकर्ता के वकील ने तर्क दिया था कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, उसने आईपैड का पासवर्ड नहीं दिया और गवाहों को धमकाने की कोशिश की है।
धार्मिक संस्था ने तोड़ा नाता
इस बीच, आरोपी से जुड़ी धार्मिक संस्था ने बयान जारी कर उससे सभी संबंध तोड़ लिए हैं और उसे सभी आधिकारिक पदों से हटा दिया है।