न्याय की पाठशाला से समाजसेवा तक का सफर शुरू, आगरा कॉलेज में ग्रीष्मकालीन विधि इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ
आगरा। विधि छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यवहारिक समझ, सामाजिक उत्तरदायित्व और विधिक सेवा के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा एवं लीगल एड क्लीनिक, विधि संकाय, आगरा कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन विधि इंटर्नशिप कार्यक्रम का मंगलवार को भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में न्यायिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और विधि विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
आगरा कॉलेज के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मॉं सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के सचिव पंकज कुमार, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अरुण कुमार दीक्षित, आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम, श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा तथा अधिवक्ता प्रमिला शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा के सचिव पंकज कुमार ने कहा कि विधिक शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब विद्यार्थी न्यायिक प्रक्रिया की व्यवहारिक समझ विकसित करें और समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए सेवा भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह इंटर्नशिप कार्यक्रम विद्यार्थियों में विधिक कौशल, मानवाधिकार जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और पेशेवर दक्षता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। उन्होंने विधि छात्रों से इस इंटर्नशिप को केवल प्रशिक्षण न मानकर अपने व्यक्तित्व और करियर निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर समझने तथा इसका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशील रहकर विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया। इंटर्नशिप के दौरान श्रम कानून, पारिवारिक कानून, किशोर न्याय अधिनियम सहित अनेक महत्वपूर्ण विधिक विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे छात्रों को न्यायिक कार्यप्रणाली की गहन समझ विकसित हो सके।
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता प्रमिला शर्मा एवं डॉ. मदन मोहन शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विधि संकाय के शिक्षकगण, अधिवक्तागण तथा बड़ी संख्या में इंटर्न छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।