आगरा में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर एफएसडीए का शिकंजा, कई जिलों की टीमों का ताबड़तोड़ छापा
आगरा में नकली और संदिग्ध दवाओं के कारोबार के खिलाफ एफएसडीए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कम्मू टोला स्थित वंश फार्मा और मोहन ट्रेडर्स समेत कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। जांच में ऑक्साल्जिन डीपी, टेल्मा-40 और अन्य दवाओं की सप्लाई चेन खंगाली जा रही है। मोहन ट्रेडर्स पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है और अब विभाग पूरे नेटवर्क, दस्तावेजों और स्टॉक की जांच कर रहा है।
आगरा। आगरा में नकली और संदिग्ध दवाओं के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कमिश्नर डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में आगरा समेत कई जिलों की संयुक्त टीमों ने शहर के दवा बाजार में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान कम्मू टोला स्थित वंश फार्मा और मोहन ट्रेडर्स के प्रतिष्ठानों पर घंटों तक जांच-पड़ताल की गई।
एफएसडीए अधिकारियों ने एएस कॉम्प्लेक्स और मुबारक महल में संचालित कई दवा प्रतिष्ठानों के स्टॉक, खरीद-बिक्री के दस्तावेजों और बिलों की गहन जांच की। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध दवाओं की सप्लाई किन-किन जिलों और राज्यों तक फैली हुई है।
जांच के दौरान चेमोरल फोर्ट, ऑक्साल्जिन डीपी और टेल्मा-40 समेत कई चर्चित दवा ब्रांडों की सप्लाई चेन खंगाली जा रही है। अधिकारियों को शक है कि इन ब्रांडों के नाम पर नकली दवाओं का कारोबार किया गया है। इसके अलावा राजस्थान में प्रतिबंधित आईपील (IPill) और अनवांटेड-72 जैसी दवाओं के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, जांच में श्री जी फार्मा से नकली ऑक्साल्जिन डीपी की सप्लाई के तार जुड़ने का दावा सामने आया है। इसी कड़ी में मोहन ट्रेडर्स की भूमिका भी जांच के घेरे में है। आरोप है कि मोहन ट्रेडर्स ने श्री जी फार्मा से भारी मात्रा में संदिग्ध और नकली दवाओं की खरीद की थी। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
मोहन ट्रेडर्स का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस प्रतिष्ठान पर पहले भी कई बार छापेमारी की जा चुकी है। बीते दिनों Gelvas Met दवा के 40 कार्टन जब्त किए गए थे। जांच में यह तथ्य सामने आया कि पुदुचेरी से खरीदे गए इन कार्टनों की सप्लाई अर्जुन फार्मास्यूटिकल्स के अनूप गुप्ता द्वारा मोहन ट्रेडर्स को की गई थी।
एफएसडीए की टीम अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा स्टॉक का भौतिक सत्यापन, खरीद-बिक्री के बिलों का मिलान और विभिन्न राज्यों के वितरकों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।