भविष्य के डॉक्टरों को सिखाए गए जीवन बचाने के गुर, एसएन मेडिकल कॉलेज में बीएलएस वर्कशॉप
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा के एनेस्थीसियोलॉजी एवं फिज़ियोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एमबीबीएस 2025 बैच के विद्यार्थियों के लिए फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) कार्यशाला का आयोजन एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में किया गया।
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा के एनेस्थीसियोलॉजी एवं फिज़ियोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एमबीबीएस 2025 बैच के विद्यार्थियों के लिए फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) कार्यशाला का आयोजन एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक संक्षिप्त उद्घाटन समारोह से हुआ, जो डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा के संरक्षण में संपन्न हुआ। डॉ. गुप्ता ने स्नातक स्तर पर ही चिकित्सा विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशलों का प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसे आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी उपचार की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. सुदिप्ति यादव द्वारा किया गया।
कार्यशाला के वैज्ञानिक सत्रों में एडल्ट एवं पीडियाट्रिक बीएलएस, ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) का उपयोग, चोकिंग प्रबंधन, स्ट्रोक, हीट अटैक, डूबने की घटनाएं, ओपिओइड ओवरडोज एवं एनाफिलैक्सिस जैसी जीवन-घातक आपात स्थितियों के प्रबंधन पर विस्तृत सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इन सत्रों का संचालन डॉ. अर्चना अग्रवाल (नोडल ऑफिसर, NELS स्किल सेंटर एवं प्रोफेसर, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग), डॉ. योगिता द्विवेदी (प्रोफेसर), डॉ. अर्पिता सक्सेना, डॉ. सुप्रिया, डॉ. दीपिका चौबे (एसोसिएट प्रोफेसर, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग), डॉ. राम क्षितिज शर्मा (एसोसिएट प्रोफेसर, बाल रोग विभाग) एवं डॉ. अनुभव गोयल (शल्य चिकित्सा विभाग) द्वारा किया गया।
कार्यशाला का समन्वय डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, यूजी अकादमिक्स इंचार्ज द्वारा किया गया। प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें एनेस्थीसियोलॉजी एवं फिज़ियोलॉजी विभाग के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह कार्यशाला संस्थान की दक्षता-आधारित चिकित्सा शिक्षा एवं प्रारंभिक नैदानिक कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।